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मितौली खीरी।तहसील मितौली में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की नींव को मजबूत करने के लिए तहसील के अधिकारी पूरी तरह से समर्पित नजर आ रहे हैं। उप जिलाधिकारी (SDM) मधुसूदन गुप्ता और तहसीलदार दिनेश कुमार ने निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण के कार्य को प्राथमिकता देते हुए एक अनूठी मिसाल पेश की है।
निर्वाचन कार्य में बरती जा रही है पूरी पारदर्शिता
निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण के माध्यम से जनता को भेजे गए नोटिस और उनके निस्तारण पर प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। खबर है कि मतदाता सूची (Voter List) को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारी अपनी सुख-सुविधाओं को दरकिनार कर लगातार काम कर रहे हैं।
बिना रुके कार्य: जनता की समस्याओं को सुनने और मतदाता सूची से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन के लिए अधिकारी दिन-रात कार्यालय में डटे हुए हैं।
समर्पण की मिसाल: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कार्य की अधिकता और समय की महत्ता को देखते हुए SDM मधुसूदन गुप्ता और तहसीलदार दिनेश कुमार खाना-पीना तक छोड़कर केवल काम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
जनता के साथ सीधा संवाद: कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात को सुना जा रहा है ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे।
तेज-तर्रार कार्यशैली से जनता में विश्वास
उप जिलाधिकारी मधुसूदन गुप्ता अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तहसीलदार दिनेश कुमार के साथ मिलकर वे फाइलों के त्वरित निस्तारण और ग्राउंड लेवल पर सत्यापन की निगरानी कर रहे हैं।
”हमारा मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो। यह एक जिम्मेदारी भरा कार्य है, जिसमें समय की पाबंदी और निष्पक्षता सबसे ऊपर है।”
निष्कर्ष
अधिकारियों के इस जज्बे को देखकर तहसील में आने वाले नागरिकों ने भी संतोष व्यक्त किया है। लोकतंत्र के इस बुनियादी कार्य में अधिकारियों का ऐसा समर्पण निश्चित रूप से अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
