पसगवां खीरी | थाना पसगवां क्षेत्र के ग्राम भानपुर के रहने वाली अनीता देवी पत्नी लल्लू सिंह कुशवाहा ने बताया है कि उसने अपनी बेटी की शादी एक वर्ष पूर्व मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पाल चक में मनसुख पुत्र बादशाह से तय कर एक लाख रूपये दिया था तो वही लड़की के पिता का कहना है कि लड़का शादी का झांसा देता रहा और इधर-उधर मेरी बेटी को मंदिरों आदि पर जाकर एक साथ घूमता रहा जिसके फोटो भी साथ के मौजूद है तो वही लड़के के पक्ष वालों ने धमकी देते हुए कहा एक लाख पचास हजार एवं कीमती मोटरसाइकिल दो तभी शादी करेंगे वरना नहीं | शादी बंद होने से लड़की के पिता की मान प्रतिष्ठा गिर रही है लड़की के पिता को बड़ा दुख हो रहा है लड़के का कहना है अब हम तुम्हारी लड़की से शादी नहीं करेंगे वही लड़की के माता पिता का कहना है कि मुझे डरा धमका कर लड़का दूसरी जगह शादी तय करना चाह रहा है तो उधर लड़की भी शर्म के मारे परेशान हैं और मान सम्मान पर प्रतिष्ठा गिर रहीं हैं
उत्तर प्रदेश में माननीय योगी आदित्यनाथ की सरकार में यही महिलाओं का सशक्तिकरण करने की तो बातें बड़ी-बड़ी की जाती है लेकिन घटनाएं कहीं ना कहीं सामने जरूर आ जाती है ऐसे दहेज लोभी के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए जिससे कभी भी ऐसे दहेज लोभी के चक्कर में कोई पिता ना फंस सके और दहेज लोभियों के चक्कर में महिलाएं पर अत्याचार होना बंद हो सके | इस मामले में लड़की के पिता ने मोहम्मदी कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है अब देखना यह है क्या न्याय मिलेगा या यूं ही दूसरी जगह शादी कर अपनी रंगरलिया मनाएगा
मितौली खीरी। कस्बे के मौर्या इलेक्ट्रॉनिक साप के सामने अखिल विश्व गायत्री परिवार मितौली द्वारा 74 वे गणतंत्र दिवस के साथ गुरु सत्ता का अध्यात्मिक जन्मदिवस व पावन वसंत पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारम्भ मा० कामता प्रसाद मौर्य ने माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया ।मुख्य यजमान डॉ रमेश कुमार वर्मा ने सपत्नीक देव पूजन किया ।कार्यक्रम में भागीदारी करने आए श्रद्धालु परिजनों ने श्रद्धा के साथ सभी के मंगलमय जीवन की प्रार्थना करते हुए यज्ञ भगवान को आहुतियां प्रदान की गईं। शांति कुंज के प्रशिक्षित आचार्य अमर पाल व्यास जी ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि गुरु कोई व्यक्ति नहीं होता ।वल्कि अज्ञान से हटाकर ज्ञान का प्रकाश देने वाली चेतना का नाम सद्गुरु है। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जैसे गुरु धरती पर कभी-कभी आते आते हैं जिनका उद्देश्य धरती का भाग्य और भविष्य बदलने का होता है। मानवता में आई विकृतियों का समूल नाश करने के उद्देश्य से परम पूज्य गुरुदेव ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और परतंत्रता की बेड़ियों से भारत माता को आजाद कराने के लिए एक बार श्रीराम जी ने अपने आपको अंग्रेजों द्वारा बन्दी बनाकर पीटे जाने पर भी तिरंगा झण्डा को धरती पर नहीं गिरने दिया ,और उनके बेहोश हो जाने के बाद डॉक्टर ने जब इलाज के दौरान देखा तो पाया कि उनके मुख में तिरंगा झंडा का टुकड़ा मिला ।स्वतंत्रता के दीवाने पंडित श्रीराम शर्मा जी का नाम उसी दिन से श्री राम भक्त रख दिया । इस प्रसंग को सुनकर स्रोता भाव विभोर हो गए।कार्यक्रम में आये डॉ हरिवंश सिंह ,मोहनलाल पाल , ठाकुर प्रसाद पाल ,द्वारिका प्रसाद वर्मा, दिनेश कुमार मौर्य, अतुल कुमार मौर्य ,राजेश कुमार वर्मा ,कमलेश कुमार वर्मा ,अंकित कुमार वर्मा, जगदंबा प्रसाद वर्मा, राजकुमार गुप्ता,कुमारी प्रज्ञा मौर्य, गुनगुन मौर्य ,कीर्ति मौर्य,मीनाक्षी चौहान, बिट्टू दीक्षित अजयपाल सिंह,आदि। भाई बहिनों के साथ- साथ माता भगवती भोजनालय में भोजन प्रसाद ग्रहण करने के बाद कार्यक्रम का विसर्जन किया गया।
