लखीमपुर खीरी। ममता और सेवा के संगम ‘मातृ दिवस’ के पावन अवसर पर जनपद को स्वास्थ्य सेवाओं की एक नई किरण दिखाई दी है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने रविवार को मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित भवन का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेज का नया परिसर अब उपयोग के लिए तैयार है। जिला महिला चिकित्सालय को इस भवन में शिफ्ट किया जाना है। यह दिन न केवल ममता को समर्पित रहा, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी भी बना।
प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती माताओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा और उनके नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। माताओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि जिला महिला अस्पताल का नया भवन जल्द ही महिलाओं और बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं का केंद्र बनेगा। जिला महिला चिकित्सालय में नवजात शिशु पुनर्जीवन कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे एक दिवसीय प्रशिक्षण का भी उन्होंने निरीक्षण किया।
*शिफ्टिंग की तैयारियां अंतिम चरण में*
नए भवन की तैयारियों को लेकर प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि तैयारी पूरी हो गई है। नया परिसर शिफ्टिंग के लिए सुसज्जित है। कुछ बहुत ही सूक्ष्म व्यवस्थाएं शेष हैं, जिन्हें युद्ध स्तर पर पूर्ण किया जा रहा है, जैसे ही शासन से अंतिम निर्देश प्राप्त होंगे, जिला महिला चिकित्सालय को इस अत्याधुनिक परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
*सीडीओ अभिषेक कुमार की अहम भूमिका*
डॉ. वाणी गुप्ता ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिषेक कुमार के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में जिला प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा है। ”मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य से लेकर शिफ्टिंग की सूक्ष्म तैयारियों तक सीडीओ अभिषेक कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके निरंतर निरीक्षण, कुशल मार्गदर्शन और कड़े निर्देशों के चलते ही आज यह भवन जनता को समर्पित होने की स्थिति में पहुंच पाया है।”उन्होंने इस कार्य में व्यक्तिगत रुचि दिखाई है जिससे गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य संपन्न हो पाया है।
*जनता को समर्पण*
प्रधानाचार्य ने अपना यह निरीक्षण और मेडिकल कॉलेज की इन उपलब्धियों को जिले की समस्त माताओं को समर्पित किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नए भवन में शिफ्ट होने के बाद मरीजों को बेहतर वातावरण और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। शासन का निर्देश मिलते ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी जाएगी।
