लखीमपुर, 30 अगस्त 22। जेई, एईएस जैसी संक्रामक बीमारियों से प्रभावित प्रदेश के अट्ठारह जिलों में शुमार लखीमपुर खीरी जिले के अधिकारियों की सोमवार को लखनऊ के उच्चाधिकारियों के साथ जूम मीटिंग हुई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी सहित अन्य जिम्मेदार अफसरों को कई निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक जूम मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में प्रदेश के वह 18 जिले शामिल थे, जहां जेई, एईएस जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी जनपद भी इन जिलों में शामिल है। इसको देखते हुए निर्देश दिया गया है कि लखीमपुर खीरी में सभी हाई ग्रेड फीवर के मरीजों को तत्काल 108 एम्बुलेंस के जरिए नजदीक के दिमागी बुखार उपचार केंद्र पर भेजा जाए, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। साथ ही इस तरह के मरीजों का डेंगू, चिकिनगुनिया, स्क्रब टायफस, जेई, मलेरिया और लेप्टोपयारासिस टेस्ट जरूर कराया जाए। जूम मीटिंग में यह भी कहा गया है कि जिस सामुदायिक स्वास्थ्य सेंटर पर इस तरह की जांच नही हो, वहां के मरीजों का तुरंत सैम्पल लिया जाए और उसको सेंटिनल लैब ऑइल में भेजना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिले में बने 12 ईटीसी सेंटरों पर सभी तरह के दवाये उपलब्ध कराए। जिले में बने पिकू को जल्द से जल्द संचालित कर उसमें इस तरह के मरीजों को उपचार के लिए भर्ती करे। सीएमओ ने कहा कि जूम मीटिंग के जरिए दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम भार्गव व डिप्टी सीएमओ लालजी पासी सहित डीएसओ और पाथ संस्था से अमरेश कुमार उपस्थित रहे।
