लखीमपुर खीरी।भारतीय पुलिस सेवा की 2013 बैच की अधिकारी आईपीएस ख्याति गर्ग अपने कर्तव्यनिष्ठ कार्य, महिला सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं। उत्तर प्रदेश कैडर की इस तेज-तर्रार अधिकारी ने अब तक कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रभावशाली सेवाएं दी हैं।
12 सितंबर 1988 को जन्मी ख्याति गर्ग मूल रूप से हरियाणा राज्य की निवासी हैं। उन्होंने चंडीगढ़ से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद सिविल सेवा में चयनित होकर वर्ष 2013 में भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की। उनके पिता का नाम विजेंदर कुमार गर्ग है।
सेवा के दौरान आईपीएस ख्याति गर्ग को कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं। वे पूर्व में लखनऊ कमिश्नरेट में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) तथा जनपद अमेठी में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात रह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वे 9वीं वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद की कमांडेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
आईपीएस ख्याति गर्ग का विशेष जोर महिलाओं की सुरक्षा, समुदाय आधारित पुलिसिंग और डिजिटल नवाचारों पर रहा है। वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। बेघर और अनाथ बच्चों की शिक्षा, दहेज विरोधी अभियान तथा महिला अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही है। साथ ही पुलिस कर्मियों के लिए प्रशिक्षण और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम भी उनके कार्यकाल की पहचान रहे हैं।
अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें डीजीपी प्रशंसा डिस्क सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से भी उन्हें नवाजा गया है।
व्यक्तिगत रुचियों की बात करें तो ख्याति गर्ग को बैडमिंटन, ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और लेखन का शौक है। वे कविता और गद्य लेखन में भी रुचि रखती हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में आईपीएस ख्याति गर्ग का विकिपीडिया पर आधिकारिक पेज उपलब्ध नहीं है, हालांकि उनके कार्यों और सेवाओं से जुड़ी जानकारी विभिन्न विश्वसनीय समाचार एवं प्रोफाइल स्रोतों में दर्ज है।
