डॉक्टर अनिल कुमार (डिप्टी चीफ एडिटर)
मितौली खीरी | विकासखंड मितौली के ग्राम रोजगार सेवकों द्वारा खंड विकास अधिकारी मितौली मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर 8 सूत्री मांग पत्र (ज्ञापन) खंड विकास अधिकारी मितौली को सौंपा गया
जिला इकाई रोजगार संघ लखीमपुर खीरी के माध्यम से ग्राम रोजगार सेवकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान किए जाने के संबंध में खंड विकास अधिकारी को 8 सूत्री ज्ञापन देकर अवगत कराते हुए कहा मनरेगा भुगतान के लिए पत्रावली लेखा सहायक पोर्टल पर कई कई बार वापस की जाती है और हम लोगों को बार-बार दौड़ाया जाता है जो विकासखंड स्तर पर कार्यरत ऑपरेटरों वप्राइवेट डेली बेसिस के द्वारा जब भी रोजगार सेवक डिमांड या आधार कार्ड लेकर आते हैं तो पैसे की हर रोज डिमांड की जाती है जब पैसे नहीं दिते जाते हैं तो उनका किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया जाता है
विकासखंड स्तर पर शासनादेश के मुताबिक सभी लाइन विभागों का जिओ टैग रोजगार सेवक के द्वारा किया जाएगा परंतु शासन के आदेश यहां के अधिकारी व कर्मचारी नहीं मानते हैं। और प्राइवेट व्यक्तियों के मोबाइल नंबर में रजिस्ट्रेशन करा कर काम किया जाता हैं जो कि उचित नहीं है ।प्राइवेट व्यक्तियों को कंप्यूटर पर बैठा कर थोड़े बहुत रुपए देकर उनसे काम करवाया जाता है जिससे रोजगार सेवकों का शोषण किया जा रहा है जबकि विकासखंड स्तर पर दो-दो लेखाकार कार्यरत है फिर भी उनके बावजूद पत्रावलियाँ वापस की जाती है यहां पर किसी को पता ही नहीं कि कौन लेखाकार है जो समस्या का समाधान कर सके
और ईपीएफ कटौती का पैसा खाते में पड़ा है उसके बावजूद भी जमा नहीं किया जा रहा है।
मनरेगा कार्यों के मास्टर रोल किसी का सात दिवसीय, तो किसी के 14 दिवसीय निर्गत किए जा रहे हैं जो कि सभी के 14 दिवसीय मास्टर रोल निर्गत किए जाने चाहिए
और मनरेगा कार्य की पत्रावली लेखाकार के पटल पर महीनों पड़ी रहती हैं। तकनीकी वित्तीय स्वीकृति हेतु समस्या से स्वीकृत नहीं दी जाती है जबकि ग्राम पंचायत जगना में बिना रोजगार सेवक के हस्ताक्षर पत्रावली टी एस, एफएस व भुगतान किया जा रहा है आदि समस्याओं को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया अगर समस्याओं का समाधान सीध्र नहीं हुआ तो आगे बहुत बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
