लखीमपुर-खीरी।भाई दूज का त्योहार तीन नवंबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाई जाती है। बहनें इस दिन भाई को तिलक कर उसके अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफलता की कामना करती है देवकली देवस्थली तीर्थ स्थल स्थिति गुरुकुल के आचार्य प्रमोद जी महराज के अनुसार 3 नवंबर को सूर्योदय काल से रात 10:05 बजे तक द्वितीया तिथि उपस्थिति रहेगी। इस दिन सभी शुभ चौघड़िया मुहूर्त टीका करने के लिए श्रेष्ठ होते हैं। सुबह 7:57 से 9:19 बजे के बीच चर चौघड़िया में टीका करने का पहला मुहूर्त होगा। इसके बाद सुबह 9:20 से 10:41 बजे के बीच लाभ चौघड़िया का मुहूर्त होगा। सुबह 10:41 से दोपहर 12 बजे के बीच अमृत चौघड़िया रहेगा। इसलिए भाई को टीका करने का सबसे शुभ और श्रेष्ठ समय सुबह 10.41 से दोपहर 12 बजे के बीच रहेगा महंत प्रमोद जी महराज ने बताया कि 3 नवंबर को शाम 4:30 से 6 बजे के बीच राहुकाल रहेगा। इस बीच बहनें भाई को टीका ना करें। राहुकाल में किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। जो बहनें दिन में भाई को टीका नहीं कर पा रही हैं, वह शाम 6 से रात 9 बजे के बीच शुभ और अमृत चौघड़िया में भाई को टीका कर सकती हैं।
बहनें इस विशेष विधि से करें भाई का टीका
मान्यता है कि भाई दूज के दिन बहन की अनामिका अंगुली में अमृत तत्व निकलता है इसलिए इसका विशेष ध्यान रखें कि बहनें अपने सीधे हाथ की अनामिका अंगुली (रिंग फिंगर) से भाई को तिलक करें। टीका करते समय भाई अपना मुख पूर्वया उत्तर दिशा की ओर रखें। बहनें, भाई के लिए मंगलकामना करें। तिलक करें और अक्षत लगाएं।

