आज दिनांक 26दिसंबर को जन अधिकार मोर्चा के द्वारा मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नाम एक ज्ञापन न्यायिक उपजिलाधिकारी महोदय को सौंपा गया जिसमें औद्योगिक नगरी मोदीनगर की मजदूरों की कॉलोनियों के मकानों में रह रहे अध्याशियों के नाम करने की मांग की गई, ये करीब 26 कॉलोनियां हैं जिनमे लगभग 6000आवास हैं और उनमे लगभग 40000 व्यक्ति निवास कर रहे हैं। ये प्रॉपर्टी वास्तव में शासन प्रशासन के उच्च अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार/भारत सरकार की संपत्ति है। मोर्चे के संयोजक देवव्रत धामा ने कहा की मोदीनगर क्षेत्र में जितने भी बुद्धिजीवी संघर्षशील व्यक्तियों ने आज तक मोदी समूह के खिलाफ लड़ाई लड़ी उन सब को एक जुट कर लिया गया है और पहले सारे संघर्ष दबा दिए गए क्योंकि वो सभी संघर्ष संगठित नहीं थे ये पहला संघर्ष है जो संगठित है ।
जन अधिकार मोर्चा के संयोजक देवव्रत धामा, व तेजपाल पोसवाल, विनोद गौतम, कुलदीप सैनी, पी के खन्ना जी, कृष्णपाल सिंह जी आदि सहसंयोजकगणों ने सरकार से मांग रखते हुए कहा की उक्त कॉलोनियां सरकारी हैं जिसमे गरीब जनता वास कर रही रही है सरकार को चाहिए की जैसे केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.5लाख रूपिये प्रति आवास दे रही है इन कॉलोनियों में भी प्रति आवास ये ही रकम दे, प्रधानमंत्री मोदी ने है व्यक्ति को छत देने का वादा किया था फिर मोदीनगर की जनता की चली आ रही इतनी पुरानी मांग पूरी क्यों नहीं की जा रही है? और शासन को चेताते हुए जनता से वादा किया की हर हाल में मोदीनगर की जनता को मालिकाना हक दिलाया जाएगा भूमाफियाओं से मोदीनगर की मासूम जनता को बचाया जाएगा, डिस्पेंसरीज, कावेरी कॉलोनी की जमीन की खरीद फरोख्त जैसे सौदों की जांच कराई जाएगी ।
ऋषिपाल त्यागी, कृपाल सिंह यादव, अभिषेक खन्ना, प्रदीप माहेश्वरी, नवनीत तोमर, संदीप भारद्वाज, रविंद्र सिंह, सतीश गौतम, मोनू चौधरी, नरेश दीक्षित, जयपाल शर्मा, मनीष शर्मा, विनय मिश्रा आदि समाजसेवी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

