लखीमपुर खीरी। जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और जनसमस्याओं को लेकर लोगों से सीधे संवाद करने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद जुगल किशोर इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। फत्तेपुर स्थित उनके फार्म हाउस पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाले लोग अपनी समस्याएं रखते हैं। समर्थकों के अनुसार, जुगल किशोर लोगों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर उनके समाधान का प्रयास करते हैं।
जनता से सीधा संवाद बना पहचान
क्षेत्रीय लोगों और समर्थकों का कहना है कि जुगल किशोर लंबे समय से आम जनता के बीच सक्रिय रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं तक, लोग उनसे अपनी बात रखने के लिए संपर्क करते हैं। समर्थकों के मुताबिक, उनका जोर छोटे-छोटे जनहित के मामलों को भी गंभीरता से लेने पर रहा है।
कस्ता क्षेत्र में विकास कार्यों का भी उल्लेख
कस्ता विधानसभा क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों को लेकर भी समर्थकों की ओर से लगातार चर्चा की जा रही है। इनमें विभिन्न स्थानों पर पुल निर्माण, सड़कों के निर्माण एवं मार्गों के सुधार सहित अन्य विकास कार्यों का उल्लेख किया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र के कई मार्गों से जुड़े कार्यों के एस्टीमेट तैयार किए गए हैं और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन कार्यों को आगे बढ़ाया जाना प्रस्तावित है।
राज्यसभा में फिर भेजने की उठी मांग
जुगल किशोर की सक्रियता के बीच क्षेत्र के समर्थकों और कुछ स्थानीय लोगों की ओर से भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने की मांग भी उठाई जा रही है। समर्थकों का कहना है कि जुगल किशोर का लंबे समय से क्षेत्र में जनसंपर्क रहा है और उन्हें संगठन व राजनीति का अनुभव भी है।
वहीं, समर्थकों का यह भी कहना है कि कस्ता विधानसभा क्षेत्र समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में उनका जनाधार और दलित समाज के बीच उनकी सक्रियता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रही है। हालांकि आगामी चुनावों में किसी नेता की भूमिका या प्रभाव का आकलन राजनीतिक परिस्थितियों और जनता के रुख पर निर्भर करेगा।
अब निगाहें पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर
राज्यसभा के लिए किसी भी नाम का चयन भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाना है। ऐसे में जुगल किशोर के समर्थकों की मांग के बीच अब सबकी निगाहें पार्टी नेतृत्व के अगले निर्णय पर टिकी हैं। क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता, जनता से संपर्क और विकास कार्यों को लेकर समर्थकों की ओर से उठाई जा रही आवाज ने इस मुद्दे को स्थानीय राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

