पांच सामाजिक संगठनों ने मिलकर उपजिलाधिकारी महोदय को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें औद्योगिक नगरी मोदीनगर की करीब 26 कॉलोनियों के 6000आवास जिनमे लगभग 30 से 40000 व्यक्ति निवास कर रहे हैं, और जो वास्तव में शासन प्रशासन के उच्च अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार/भारत सरकार की संपत्ति है । इन आवासों का आवासियों के नाम में नियमितीकरण तत्काल करने के लिए शासन और प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम 5सप्ताह का समय दिया गया है, देवव्रत धामा व तेजपाल पोसवाल ने शासन को चेताते हुए कहा की अगर हर हाल में मोदीनगर की जनता को मालिकाना हक दिलाया जाएगा भूमाफियाओं से मोदीनगर की मासूम जनता को बचाया जाएगा, डिस्पेंसरीज, कावेरी कॉलोनी की जमीन की खरीद फरोख्त जैसे सौदों की जांच कराई जाएगी, इस अवधि के बाद उक्त पांचों संगठन आंदोलन के लिए विवश होंगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
आज ज्ञापन देने वालों में निम्न संगठनों से
1: नागरिक संघर्ष समिति मोदीनगर
2:मोदीनगर कर्मचारी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी
3:युवा, छात्र कल्याण समिति
4:पूर्व सभासद संघर्ष समिति
देवव्रत धामा, तेजपाल सिंह पोसवाल, ऋषिपाल त्यागी, कुलदीप सैनी, विनय मिश्रा, एडवोकेट संजीव कौशिक, सतेंद्र तोमर, अभिषेक खन्ना, नवनीत, रिजवान खान, रविंद्र सिंह, सतीश गौतम, मोनू चौधरी, नरेश दीक्षित, जयपाल शर्मा, मनीष शर्मा आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

