मितौली खीरी | मैगलगंज के वन बीट क्षेत्र के गांव हैदर नगर रामचरनपुरवा में गांव के ग्रामीण ने अपने धान की फसल को आवारा पशुओं से बचने के लिए गया था वहां जंगली जानवर होने की सुग बगाआहट मालूम पड़ी
तभी वहां कोई छलांगने की आवाज सुनाई दी
ग्रामीण हरिकरण गौतम आवारा जानवरों से अपनी फसल को बचाने गया था वहां पहुंचते ही जंगली जानवर के छलांग लगाने की आवाज मालूम पड़ी अचानक शंका महसूस हुई कि कहीं बाघ तो नहीं है | जब सुबह फसल देखने के लिए खेत पर गया | जो उसका शक बिल्कुल सही साबित हुआ | जिसके बाद किसान गांव पहुंचकर लोगों को बताने लगा उसकी चर्चा पूरे गांव में दहशत की तरह फैल गई | जब सभी सभी ग्रामीण इकट्ठा होकर अपने हाथों में लाठी डंडा भाला लेकर खेत पर पहुंचे | जहां ग्रामीणों ने देखा कि खेत में बाघ के पग चिन्हो के निशान दिखाई दिये|
बाघ होने की जानकारी जैसे-जैसे पूरे गांव से लेकर क्षेत्र तक फैलती गई | जो अपने पशुओं के लिए चारा लेने घर से गए थे वह डर के मारे अपने घरों घरों पर वापस आने लगे | इसके बाद गांव के समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद व गार्गी नें वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी | मौके पर पहुंचे वन विभाग के वन दरोगा अफजल अपनी टीम के साथ वहां पर पहुंचकर बाघ के पग चिन्ह को देखकर उन्होंने बाघ होने की पुष्टि की है |
इसके बाद वह वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत खमरिया के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनूप राठौर व ग्राम पंचायत ग्रंट इनायत चीफ के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बाबूराम को बाघ की सूचना देकर मौके पर बुलाकर ग्रामीणों के बीच में बैठक कर सभी को बाघ के बचाव के निर्देश दिए हैं और ग्राम प्रधानों से कहा है कि अपने आप लोग अपने आसपास के गांव के लोगों तक सूचना देने का काम करें जिससे कोई भी शख्स बाघ का शिकार ना हो सके | और ऐसे में आप सभी अपने जानवर घर के बाहर मत बांधे और घर के अंदर बांधे जिससे बाघ का कोई शिकार ना हो सके | वहीं पास में ही गन्ने के किनारे चल रहे प्राथमिक विद्यालय के अध्यापको व बच्चों को इसकी जानकारी दी कि कहीं भी बाहर ऐसे मत जाइएगा और बच्चों पर विशेष ध्यान रखा जाए|

