मितौली खीरी । मितौली कस्बे में अनीता मिश्रा के निज निवास स्थान परम चल रही नव दिवसीय श्री मद् भागवत महा पुराण कथा महोत्सव के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य श्री गौरव जी महाराज श्री नारद भक्ति आश्रम श्री वृंदावन के मुखारविंद से अमृत मई कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण से हमें यह शिक्षा मिलती है कि प्रभु को जो सच्चे मन से निष्काम भाव से उनका भजन और स्मरण करता है भगवान उसके समस्त पापो को नष्ट करते हैं सुख – सॉन्ति समृद्धि धन वैभव की वृद्धि करने के साथ-साथ अपने भक्तों का सदैव चिंतन करते रहते हैं और भक्तों पर कोई कष्ट पड़ता है तो नंगे पैर दौड़े चले आते हैं उदाहरण देते हुए बताया की जब द्रोपदी का दुश्शासन के द्वारा चीर हरण किया जा रहा था उनके पांचों पति बैठे देख रहे थे उनको कोई सहारा नजर नहीं आया तो उन्होंने भगवान कृष्ण कन्हैया, मुरलीधर की याद की और प्रार्थना करते हुए कहा कि हमारी इज्जत आपके हाथ है वह दौड़े हुए आए उन्होंने अपना पीतांबर साड़ी के साथ जोड़ दिया दुशासन खींचता- खीचता थक गया और साड़ी की घटी तक नहीं और नारी की इज्जत बचाई इसी तरीके से कई उदाहरण भगवत पुराण के माध्यम से देते हुए कहा अपने इस मानव जीवन में प्रभु का सच्चे दिल से स्मरण करें भगवान उनके समश्त पाप नष्ट कर देते हैं और सुख समृद्धि धन वैभव की वृद्धि होती है और भोले बाबा शिव पार्वती के विवाह की बहुत ही मार्मिक से चर्चा करते हुए कथा का रसपान श्रोताओं को कराया और कहा सती जी बिना बुलाए अपने पिता के घर में गई थी वहां अपने पति का स्थान न देखकर बहुत परेशान हुयीं और वही उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए इसीलिए जंहां मनुष्य का सम्मान नहीं होता है या बिना बुलाए नहीं जाना चाहिए भजन और झांकियों के माध्यम से बहुत ही मार्मिक ढंग से कथा का रसपान श्रोताओं को कराया कथा कार्यक्रम के अवसर पर कार्यक्रम आयोजक अनीता मिश्रा, पंडित राम शंकर दीक्षित ,दिनेश कुमार दीक्षित, आचार्य अनूप जी महराज, लक्ष्मीकांत त्रिवेदी, विनोद कुमार शुक्ल, विपिन कुमार भट्ट, सहित सैकड़ों की संख्या में भक्त ,दुर्गा स्वरूपा माताएं बहने मौजूद रहीं।
