लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी के मोहल्ला सरैया में बच्चों की मृत्यु के मामले में लगातार 12 दिन से स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सभी बच्चों की जांच सहित दवाओं का वितरण किया जा रहा है। साथ ही नगर पंचायत द्वारा सफाई व्यवस्था भी करवाई जा रही है। बच्चों की मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन के क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा सरैया में बचाव हेतु टीमें गठित कर कार्यवाही की गई जो निरंतर जारी है। बुधवार तक सर्वे हेतु लगाई गई टीमों की संख्या 134 है। जिनके द्वारा 5546 घरों का भ्रमण किया गया है। टीकाकरण हेतु 94 टीमों के द्वारा कार्य किया गया एवं 886 बच्चों को टीका कृत किया गया। अब तक 629 सैंपल एकत्र किए गए। जिसमें मलेरिया के 335, डेंगू 271, चिकनगुनिया 27, कोविड-19 एंटीजन 315, कोविड-19 आरटीपीसीआर 345, मलेरिया हेतु बनाई गई स्लाइड 215 हैं जो कि सभी नेगेटिव हैं। 51 मरीजों के ब्लड सैंपल एकत्र किए गए। केजीएमसी लखनऊ भेजे सैम्पल में से 31 की रिपोर्ट मिल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्थाओं डब्ल्यूएचओ यूनिसेफ और चाई के साथ ही एपिडेमियोलॉजिस्ट आईडीएसपी द्वारा पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि आखिर इन मृत्यु के पीछे क्या कारण है। लखनऊ भेजे गए सैंपलों में 4 मरीजों को लैप्टोस्पाइरोसिस का इन्फेक्शन होने की पुष्टि की गई है। मोहम्मदी के वार्ड सरैया में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सीएचसी अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा द्वारा प्लान बनाकर टीकाकरण कार्य एवं दवा वितरण का कार्य निरंतर जारी है। वहां पर नगर इमाम से भी वार्ता कर सभी मस्जिदों से एवं अन्य धार्मिक स्थलों से आग्रह किया गया है कि वह वहां की आम जनता को भी साफ सफाई हेतु जागरूक करें एवं सभी छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी करवाए। जिला प्रशासन तथा तहसील मोहम्मदी एसडीएम के द्वारा भी उक्त क्षेत्र का भ्रमण किया गया एवं साफ सफाई हेतु अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया है। उक्त क्षेत्र में एंटी लारवा स्प्रे फागिंग आदि का भी कार्य करवाया गया है। जिस हेतु जनपद स्तर से जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सभी तैयारियां पूरी हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए बालिकाओं ने लिखे रचनात्मक स्लोगन
लखीमपुर खीरी 25 जनवरी। मुख्य सचिव, उप्र शासन से प्राप्त निर्देशों, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एसपी गणेश प्रसाद साहा के मार्गदर्शन, निर्देशन में सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता पैदा करने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से जनपद खीरी मे ’’सड़क सुरक्षा माह’’ मनाया जा रहा।
सड़क सुरक्षा माह पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में नगर के सनातन धर्म सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज के सभागार में भव्य कार्यक्रम हुआ, जिसका शुभारंभ एआरटीओ रमेश चौबे, टीएसआई जेपी यादव, प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई के साथ मां सरस्वती के चित्र का अनावरण एवं दीप जलाकर किया।
एआरटीओ रमेश कुमार चौबे ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं ज्यादातर हमारी गलती से होती हैं। अगर हम नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं। वाहन चलाने को लेकर लापरवाह और अति आत्मविश्वास नहीं होना चाहिए। सीट बेल्ट और हेलमेट आपको गंभीर चोट से बचाते हैं। अगर हम अपनी और अपने परिजनों की चिंता करते हैं, तब हम इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार सड़क सुरक्षा में हम सबसे अधिक युवाओं को खो देते हैं।
यातायात उपनिरीक्षक जेपी यादव ने कहा कि सड़क जागरूकता माह का उद्देश्य युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहन करना और दुर्घटनाओं से मौतों एवं चोटों को रोकना है। सड़क सुरक्षा को लेकर हम अपनी जिम्मेदारी को समझें। हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के प्रति हमें जागरूक रहना चाहिए।
प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने कहा कि हममें से प्रत्येक के लिए सड़क की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जब भी हम सड़क पर किसी वाहन से यात्रा कर रहे हो तो हमारी सुरक्षा हमारे हाथ में है। इसके बाद नारा लेखन कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए नए और रचनात्मक स्लोगन लिखे।
