लखीमपुर खीरी | कुछ समय पहले भाजपा के प्रवक्ता ने पैगंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी की तो अब सपा के विधान परिषद सदस्य लाल बिहारी यादव ने शिवजी पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, एक दूसरे की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचा कर जो नेता राजनीति कर रहे हैं उन्हें अपनी राजनीति बंद कर देनी चाहिए ताकि देश को एक अच्छे मुकाम पर पहुंचाया जा सके और देश में शांति व्यवस्था का माहौल बना रहे, “यदि इस्लाम शांति का पैगाम देता है तो हिंदुत्व भी अपनी संस्कृति से अलग पहचान बनाए हुए भारत का मुसलमान भाग्यशाली है कि वह भारत जैसे देश में अपने अपने तरीके से स्वतंत्र रूप से जी रहा है और इस्लामिक देशों में हिंदू प्रताड़ित किए जा रहे हैं” सच यह है कि भारत जैसे देश में जहां जहां मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है वहां वहां हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है यदि अन्य इस्लामिक देश यह कह रहे हैं कि भारत में मुसलमानों को प्रताड़ित किया जा रहा है वह गलत है भारत का मुसलमान यदि असुरक्षित होता तो वह भारत जैसे देश में बड़े-बड़े पदों पर आसीन नहीं होता, यदि इस्लामिक देश भारत की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहे हैं तो सबसे पहले वह बताएं कि हमारे देश में रह रहे अन्य समुदाय के लोगों के लिए आपने क्या किया चीन क्या कर रहा है किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन गलती से किसी के मुंह से धर्म के मामले में कोई अपशब्द निकल जाए तो आप सड़क पर आकर पत्थर चलाने लगते हैं यदि आपको सड़क पर उतरने का इतना ही शौक है तो आप बेरोजगारी ,महंगाई ,भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी आदि के खिलाफ लड़े! कतर जैसा छोटा देश भारत को चुनौती दी दे रहा है पहले वह अपने गिरेबान में झांक कर देखें कि हम कितने अच्छे हैं उसे शायद पता होना चाहिए 26 जनवरी 1950 को जब भारत का संविधान लागू हुआ उसी दिन यह तय किया गया कि भारत किसी धार्मिक किताब से नहीं बल्कि भारतीय संविधान से चलेगा जिसमें हर समुदाय के लोगों को अधिकार दिए जाएंगे जीने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी यदि कोई बच्चा सड़क पर धर्म के पक्ष में आकर पत्थर उठाता है तो गलती बच्चे की नहीं बल्कि उनके परिजनों की है क्योंकि आप उसे जैसा तैयार करेंगे वह वैसा ही तैयार होगा इसलिए आने वाली पीढ़ियों के दिलों में नफरत ना फैलाओ उन्हें मोहब्बत से जीने का रास्ता बताओ भारत जैसे देश में पारसी ,जैन ,सिख ,बौद्ध आदि बहुत कम संख्या में अल्पसंख्यक समाज के लोग हैं फिर भी वह काफी पढ़े लिखे और मजबूत हैं वहीं दूसरी तरफ मुसलमान बहुसंख्यक होने के बावजूद भी अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त किए हुए हैं और अपने आप को शोषित वंचित सा महसूस कर रहा है कारण यह है की मुसलमान समुदाय के बड़े-बड़े नेताओं ने अदावत और मोहब्बत का दिखावा किया है और अपने ही समाज को भूल गए थे यही वजह है कि आज मुस्लिम समुदाय पीछे है और यह भी सच है कि मुसलमानों ने भारत पर सदियों से राज किया क्योंकि आपके नेताओं ने अपने अपने स्वार्थ के लिए राजनीति की है और आज भी कर रहे हैं यही कारण है कि आज विशेष समुदाय के लोग शासन सत्ता से वंचित है ,आज भी आप कमजोर नहीं है और ना ही कभी थे लेकिन आज आप टुकड़ों में बटे हैं इस वजह से चंद लोग सत्ता पर बैठे हैं आपका ही धर्म करता है की “अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लायक नहीं है, और मोहम्मद साहब के अलावा कोई पैगंबर नहीं है “इसलिए आज आपको विचार करने की आवश्यकता है कि हम कहां महफूज हैं और जहां आप महफूज हो वहां अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए पोर्ट के माध्यम से अपनी ताकत बनाओ और अपने अधिकार प्राप्त करो इसलिए आज के दौर में मुसलमानों को आत्ममंथन की आवश्यकता है वह विचार करें कि हम किस पार्टी को अपना वोट दें जिसमें हमारा भला हो सके और हमारी आने वाली पीढ़ियां महफूज रहें…
एडवोकेट सुरेंद्र कुमार आजाद सिविल कोर्ट लखीमपुर खीरी
