लखीमपुर/मितौली खीरी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज (यू.पी.बोर्ड), लखीमपुर खीरी में स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि जुगुल किशोर (पूर्व राज्य सभा सदस्य), विशिष्ट अतिथि डॉ. नम्रता मिश्रा एवं विद्यालय के प्रबन्धक विमल कुमार अग्रवाल द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति पर माल्यार्पण कर किया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने विद्यालय प्रांगण में पहुंचकर ध्वजारोहण किया, जिसके पश्चात सभी ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर देश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरा वातावरण “अमर शहीदों की जय” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
प्रधानाचार्य डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया और विद्यालय के प्रबन्धक विमल कुमार अग्रवाल ने अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन असंख्य वीरों के बलिदान की याद दिलाने का अवसर है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आज़ादी दिलाई। उन्होंने भैया-बहिनों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति को सर्वाेपरि रखें।
कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। उच्चतर माध्यमिक वर्ग के भैया-बहिनों ने देशभक्ति गीत, नृत्य, कविताएं और भाषण प्रस्तुत किए। ‘देश में एकता रहे. सामूहिक गीत की सुमधुर प्रस्तुति ने सभी की आंखें खुशी से नम हो गयीं। कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में ‘बाजे बधइया. गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि जुगुल किशोर ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता कोई साधारण उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह हमारे पूर्वजों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का अमूल्य परिणाम है। उन्होंने कहा, ‘आज़ादी हमारे पूर्वजों का अमूल्य उपहार है, इसे सुरक्षित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।‘ उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपने आचरण, विचार और कार्यों में राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखें और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नम्रता मिश्रा ने भैया-बहिनों को शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि सुशिक्षित और संस्कारित नागरिक ही राष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं। उन्होंने भैया-बहिनों को न केवल पढ़ाई में बल्कि खेलकूद, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर भैया-बहिनों तथा आचार्य को विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे राखी निर्माण कार्यशाला, वेश प्रतियोगिता, कक्ष सज्जा प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पुरस्कृत किया गया। साथ ही, विद्यालय द्वारा संचालित सेवा संस्कार केन्द्र के भैया-बहिनों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, जिसके लिए उन्हें एवं संस्कार केन्द्र की संचालिका को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
समापन अवसर पर विद्यालय के प्रबन्धक ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, से शिक्षकगण और भैया-बहिनों का हृदय से आभार व्यक्त किया तथा सभी को राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का समापन “वन्दे मातरम्” के साथ हुआ।

