मुख्य संपादक- पंकज कुमार गौतम
मितौली खीरी। दो महीने से क्षेत्र में बाघ का तांडव कई जानवरों को बनाया शिकार। वन विभाग की टीम ने लगाए कैमरे फिर भी नहीं मिला रही सफलता। ग्रामीणों में दहशत का माहौल । खेत में खाद, पानी, जानवरों का चारा लाना हुआ मुहाल।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बाघ पकड़वाने की मांग की।
थाना क्षेत्र के गांव लल्हौआ के मजरा अल्ली पुर में सोमवार सुबह-सुबह बाघ ने एक बैल का शिकारकर उसे दस मीटर तक खींच कर ले गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम लगातार गांव में पहुंच कर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के आवश्यक उपाय बता रही है।
ग्रामीणों की माने तो दो माह से लगातार बाघ उसी क्षेत्र दो से तीन किलोमीटर के दायरे में मवेशियों को शिकार कर निवाला बना रहा है। अल्ली पुर निवासी
बिंद्रा प्रसाद का पड़वा, जयराम की गाय जो 35 हजार की खरीद कर लाए थे उसे भी शिकार बनाया। देव दत्त का बैल, छोटू का बछड़ा और कल्लू के बैल का शिकार कर आराम से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा है।
गांव वाले में भय इतना है कि इस समय धान रोपाई, फसलों को पानी वा खाद, पशुओं के लिए चारा आदि की समस्याओं से गुजरना पड़ रहा हुआ।
हालांकि वन विभाग की टीम ने मृत बैल के निकट कैमरे लगाकर बाघ की निगरानी कर रहा है इसके साथ ही पिंजरा भी लगाया है जिसमें शिकार बंद कर बाघ के आने का इंतजार किया जा रहा है। किंतु बाघ है कि न कैमरे में कैद हो रहा और न ही पिंजरे में बंद शिकार के पास आ रहा है।
एक बात जरूर है इन दो महीनों में बाघ ने किसी मनुष्य का शिकार नहीं किया है।
इस बाबत जब रेंजर मैगलगंज कृष्ण कुमार सागर से दूरभाष से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि हम और हमारी टीम सभी तत्परता से लगी है कैमरे वा पिंजरा भी लगाया गया है। टीम के लोग लगातार नजर बनाए हुए है।

