लखीमपुर खीरी| बेजुबान और बेसहारा जानवरों पर आफत टूटी है सड़कों गलियों में घूमने वाले बेजुबान जानवरों की कोई सुध लेने वाला नहीं है ऐसे में शहर के व्यापारी आशीष शर्मा ने बेसहारा जानवरों को सहारा बन कर नई मिसाल पेश कर रहे हैं जानवरों को खाना खिलाना है और उनकी देखभाल करना और उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है अपने निजी खर्च पर बेजुबान जानवरों को भोजन दे रहे हैं आशीष शर्मा से लोगों को सीख लेना चाहिए इनकी तरह लोगों को आगे आना चाहिए
प्रेरणा स्रोत के बारे में जानकारी करने पर पता चला कि आशीष शर्मा बचपन से ही पशु प्रेमी बेजुबान जानवरों की सेवा करना आशीष शर्मा का शौक है रोजाना क्षेत्र में निकलने पर बंदरों आदि जानवरों को नियमित खाना खिलाते हैं दोपहर शाम तीनों जानवरों के खाने की जिम्मेदारी उठाई है सेवा भाव बेजुबान जानवरों तक सीमित नहीं है उन्होंने लाचार और मजबूर लोगों की सेवा की आशीष शर्मा के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना हो रही है
