पंकज कुमार (मुख्य संपादक)
लखीमपुर खीरी। नशीले पदार्थों के सेवन एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन जिला पुरुष चिकित्सालय एमसीएच विंग ओयल में किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्षता सीएमएस डॉ आरके कोली ने की। गोष्ठी के दौरान डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ अन्य कर्मचारियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली बीमारियों नुकसान सहित नशीले पदार्थों की तस्करी पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
सीएमएस डॉ आरके कोली ने इस दौरान सभी को नशीले पदार्थों को छोड़ने और समाज में जागरूकता को लेकर शपथ दिलाई और उन्होंने कहा कि जितने भी नशीले पदार्थ हैं। हम जिनको भी नशे के रूप में सेवन कर रहे हैं। वह सभी शरीर को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाते हैं और आज चिंता का विषय यह भी है कि इनका आदी बनाने के लिए तमाम तरह के भ्रामक विज्ञापन सहित अन्य संसाधनों से इनका व्यापक प्रचार किया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं युवाओं को नशे का आदी बनाने के लिए बॉर्डर क्षेत्र से नशीले पदार्थों की तस्करी भी की जा रही है। सिर्फ इतना ही नहीं इन नशों के कारण ही शरीर में तमाम तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को बहुत अधिक जागरूकता की आवश्यकता है और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी लोगों को जागरूक करना चाहिए। जिससे लोगों को इससे दूर रखा जा सके। इस दौरान मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला ने बताया कि नशे का आदि होना कोई खुराफात नहीं है, यह एक बीमारी है। ऐसे मरीजों से भेदभाव ना करें, उन्हें सलाह दें कि वह अपना इलाज कराएं। तमाम बार समाज में घृणा के कारण ऐसे मरीज न सिर्फ नशे के और अधिक आदी हो जाते हैं। बल्कि ऐसे मामलों में खुदकुशी की संख्या भी बढ़ जाती है। किसी भी तरह के नशे को आज छोड़ा जा सकता है। उसके लिए काउंसलिंग के साथ-साथ दवाएं भी मौजूद हैं। इस दौरान ईएनटी डॉ मनोज शर्मा ने बताया कि तमाम ऐसे नशे हैं। कुछ नसीले पदार्थ एवं दवाइयां ऐसी भी हैं जिसकी वजह से अनेक तरह की बीमारियां जैसे लिवर सिरोसिस , आंतो में छेद नैसल सेप्टम में छेद आदि बीमारियां हो जाती हैं, जो बाद में धन हानि के साथ ही पारिवारिक हानि का कारण भी बनता है। साथ ही मानसिक बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में समाज में नशे से दूर रहने को लेकर जागरूकता की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन काउंसलर देवनंदन श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आर पी वर्मा, डॉ आरके गुप्ता, डॉ शिखर बाजपेई, डॉ एके द्विवेदी, डॉ कर्मवीर सिंह, डॉ डीके पुष्कर, डॉ रोहित पाठक, मैट्रन रजनी मसीह, फार्मासिस्ट अमरेंद्र सिंह, अतुल पांडे, विवेक मित्तल, सुरेंद्र कुमार, नीरज कुमार, मनोज मौर्य, विवेक तिवारी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सालय के अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद रहे।

