पंकज कुमार (संपादक )
मितौली खीरी। गौशाला केंद्र से जबरन गाय निकलने को मना करने पर दबंगों ने गौसेवको पर किया गया था जानलेवा हमला। इलाज के दौरान एक गो सेवक की हुई मृत्यु। तहसील क्षेत्र थाना मितौली के ग्राम पंचायत दतेली कलां में गोआश्र्य केंद्र पर दबंगों ने हमला करके कई गो सेवको को घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल गोसेवक की इलाज के दौरान आठवें दिन लखनऊ ट्रामा सेंटर में हुई मौत 20 मार्च को ग्राम पंचायत दतेली कलां गौ आश्रय केंद्र पर 8 बजे के आसपास कुछ दबंगो ने गोशाला में आकर जबरदस्ती गाय निकालने का प्रयास करने लगे जिसका गौ सेवकों ने विरोध किया और कहा ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी से लिखवा कर के ले आओ तभी वह गौशाला से गाय को ले जाने देंगे,। इस बात से नाराज हुए लोगों में नीरज कुमार, धर्मेंद्र, माखन, संकट, मिथुन, शिशुपाल गौ आश्रय केंद्र में काम कर रहे , पास के ही गांव बेहड़ा के रहने वाले लगभग 20 व्यक्ति एक राय होकर के गोसेवकों पर हमला कर दिया इसमें गौ सेवक घायल हो गए धर्मेंद्र के हाथ में चोट आई माखन को आंतरिक चोटें आई थी जिनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मितौली से रेफर कर दिया गया हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है संकटा मिथुन शिशुपाल नीरज कुमार को भी चोटें आई हैं। उक्त घटना की जानकारी थाना मितौली को घायल व्यक्तियों के द्वारा प्रार्थना पत्र देकर दी जा चुकी है माखन की हालत अत्यंत गंभीर बनी होने के कारण परिजनों ने बताया चोटे इतनी भयंकर लगी माखन की इलाज के दौरान आठवें दिन लखनऊ में मौत हो गई, जिन लोगों ने हमला किया है वह काफी दबंग कई बार पूरा गांव एक राय होकर के कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं इनके कारनामों से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है, उक्त घटना में पुलिस मितौली ने सख्त कदम नहीं उठाया तो इन दबंगों के हौसले और भी बुलंद है। मितौली पुलिस का कहना है हमने आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर ली है साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। करीब 6 दिन बीत जाने के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पुनः प्रार्थना पत्र देकर के उच्च अधिकारियों से करवाई किए जाने की मांग की थी। ग्राम पंचायत अधिकारी ने भी उच्च अधिकारियों को गौ सेवा केंद्र पर जबरदस्ती गाय निकालने व गौशाला में तोड़फोड़ किए जाने को लेकर के कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। मितौली पुलिस की ढुल मुल नीति के कारण दबंग आए दिन दबंगई करते रहते हैं वही गरीबों एवं पीड़ित व्यक्तियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

