पंकज कुमार (चीफ एडिटर)
लखीमपुर खीरी 28 दिसंबर। बलरामपुर फाउन्डेशन, बलरामपुर से निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत बुधवार को खीरी जिले को कई सोगाते मिली, जिन्हें जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बलरामपुर फाउन्डेशन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आम जनमानस को समर्पित किया।बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड इकाई-गुलरिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डीएम महेन्द्र बहादुर सिंह ने अपनी धर्मपत्नी जिला आकांक्षा समिति अध्यक्ष अल्पना सिंह के संग निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत क्रमश उप स्वास्थ्य केन्द्र, ताजपुर (भदेड़) का विनिर्माण व सौन्दर्यीकरण तथा रैनबसेरा, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र, रड़ादेवरिया का विनिर्माण व सौदर्यीकरण तथा रैनबसेरा निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र, गुलरिया रैनबसेरा, शौचालय निर्माण का लोकार्पण पूरे विधि विधान से शिलापट का अनावरण कर किया।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि बलरामपुर फाउंडेशन की ओर से उप स्वास्थ्य केंद्र को बहुत अच्छी तरह से विकसित किया है, जो बेहतर सुविधाएं से लैस है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एएनएम के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होंगी। उन्होंने प्रधान को निर्देश दिए कि उप स्वास्थ्य केंद्र के परिसर के समीप वाले तालाब को विकसित किया जाए।
बलरामपुर चीनी मिल्स लि. इकाई-गुलरिया के मुख्य महाप्रबन्धक योगेश कुमार सिंह ने बलरामपुर फाउन्डेशन से निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत खीरी जिले में कराए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी प्रकार से जिला प्रशासन के मागदर्शन, निर्देशन में सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत फाउंडेशन अपने सामाजिक एवं जनहितार्थ कार्यों को जारी रखेगा। बलरामपुर फाउंडेशन सीएचसी बिजुआ को मॉडल के रूप में विकसित करेंगे। इसी के साथ एक विद्यालय को प्रदेश में बेहतर बनाएंगे।
रड़ादेवरिया में लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व जिला आकांक्षा समिति अध्यक्ष अल्पना सिंह ने सैकड़ों गरीब, जरूरतमंद, असहाय, व्यक्तियों को कंबल का वितरित किए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र, बिजुआ अमित सिंह, बलरामपुर चीनी मिल्स लि. इकाई-गुलरिया के मुख्य महाप्रबन्धक योगेश कुमार सिंह की मौजूद रहे।रिपोर्टर अमित पटेल
शाशन और उच्च न्यायालय का आदेश सूर्य अस्त होते ही बैध खनन भी माना जाऐगा,अबैध खनन
मोहम्मदी खीरी,यहाँ ऐ पंक्तियां पसगवा इलाके मे बिल्कुल सटीक बैठती है कि *मेरे सर पे हाथ तेरा, तो कोई कया करेगा मेरा*,लगातार देखने और सुनने मे आता है कि शाम होते ही जेसीबी से खनन के लिऐ मशीने गरजने लगती है,और रात भर खुदाई कर मिट्टी भट्टो पर ट्रालिया सडको पर दौडने लगती है,जब रायल्टी सही सही जमा है तो कयू रात के अधेरो मे ऐ खनन किया जाता है,किस बात की परदा दारी जो छुपायी जाती है,शाशन और उच्च न्यायालय ने भी साफ साफ कहा है कि सूर्य अस्त के बाद बैध खनन भी अबैध माना जाऐगा,पसगवा और ऊचौलिया इलाके मे किसके संरक्षण मे ऐ खेल खेला जा रहा है,और आदेशो का खुला उल्लंघन, ऐ रात मे खनन होता है,कौन है इसका पहरेदार ,ऐ एक सोचनीय बिन्दु है,और कौन सी मजबूरी के तहत खनन रात के अधेरो मे कराया जाता है,पसगवा और ऊचौलिया पुलिस और खनन विभाग इस सबसे अजान,उपजिलाधिकारी ने इस पर कार्यवाही भी की परन्तु और अधिकारी नही कर रहे सहयोग ,सोचनीय बिन्दु
