पंकज कुमार (चीफ एडिटर)
पलिया कलां खीरी। पलिया कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना को पुलिस ने 24 घंटे में सकुशल खुलासा कर दिया, आपको बता दें कि पलिया थाना क्षेत्र के ग्राम पतवारा गांव के पास राजीव सिंह राना पुत्र ओमप्रकाश राना मोहल्ला अहिरान निवासी के साथ तीन युवकों द्वारा लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसमें थाना प्रभारी प्रमोद कुमार मिश्रा ने सतर्कता दिखाते हुए तमाम पुलिस फोर्स को अलर्ट कर उन अपराधियों की खाक छानने में लग गए। तभी 24 घंटे में लूट कांड की घटना को अंजाम देने वाले सभी अपराधियों को पलिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और माल भी बरामद कर लिए। मंगलवार सुबह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इनके पास से लूटे हुए एक अंगूठी, एक ब्रेसलेट चार छोटे टुकड़े व एक बडा टुकड़ा, दो अदद तमंचा, 315 बोर दो कारतूस जिंदा बरामद की गई है। इस दौरान कार्रवाई करने वाली टीम उप निरीक्षक संजय सिंह, एस आई तेज सिंह, एस आई अजीत कुमार, राजकुमार यादव, सूरज कुमार, जीवन सिंह, ओम असीम यादव, देवेंद्र सिसोदिया, जॉनी कुमार, रामदयाल, परीक्षित सैनी, अंकित चौधरी आदि पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे। इस घटना से जहां क्षेत्र में दहशत का माहौल था वही पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए फाइलें स्टार को ही नहीं निकाला बल्कि उन अपराधियों में भी इतना खौफ भर दिया कि आगे से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले हिमाकत नहीं करेंगे। वही पुलिस के खुलासे के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
तस्करों को वन विभाग के साथ साथ तमाम विभागों का है संरक्षण,
पलिया कलां खीरी। इंडो नेपाल सीमा के बॉर्डर पर जंगल के पगडंडियों से जमकर तस्करी की जा रही है इसमें गैरकानूनी सामानों के साथ-साथ देश विरोधी ताकते भी इन सड़कों का जमकर उपयोग कर रहे हैं। बॉर्डर पर बैठी तमाम सुरक्षा में लगे पहरेदार इन पगडंडियों के रास्तों को बंद करने के लिए खाई खोद दी है लेकिन तस्कर इन खाइयो को पाटकर रातों-रात रास्ता बनाकर प्रतिबंधित सामानों को नेपाल पहुंचा देती हैं। कहने को तो जंगल की सुरक्षा के लिए लगे वन विभाग द्वारा कई टीमें गठित की गई है लेकिन यह सारी सुरक्षा सिर्फ हवा हवाई साबित हो रही है। जंगल के अंदर तस्करी करने के लिए तस्करों ने कई रास्तों को बना रखा है जिस पर से दिन व रात के अंधेरे में जमकर तस्करी की जाती है यही नहीं बॉर्डर के मुख्य द्वार के लगभग 500 मीटर की दूरी पर चेकपोस्ट से ना जाकर वन विभाग द्वारा लगाए गए तार फेंसिंग को अवरुद्ध कर प्रतिबंधित सामानों को नेपाली महिलाओं द्वारा पार किया जाता है। कई बार इस विषय पर तमाम विभागों को अवगत कराया गया है लेकिन विभाग में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे अधिकारी व कर्मचारियों के संरक्षण में खुला खेल जारी है सूत्रों से मिली जानकारी में यह भी बताया गया है कि विभागों में बैठे कुछ लोगों की वजह से ही इस धंधे को अंजाम दिया जाता है यही नहीं नेपाल में भी इनके रंगीन रातों के लिए कई व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं। जिसके चकाचौंध में चूर लोगों को देश विरोधी कार्य करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी वर्षों से कुंडली मारकर बैठे उन अधिकारी व कर्मचारियों पर आगे की क्या कार्रवाई करते हैं जिससे देश विरोधी ताकते और तस्करी पर लगाम लग सके।
