कस्ता खीरी। तहसील मितौली के अंतर्गत ग्राम कानाखेड़ा पर०कस्ता थाना क्षेत्र मितौली के निवासी सोने श्री पत्नी प्रदीप कुमार की गाटा संख्या 1314/1 जिसका रकबा 0.101 हेo दर्ज खातौनी में हैं जिसकी पेमाइश धारा 24/41 के तहत की थी जिसका दिनांक 06/09/2018 को आदेश पारित कर कब्जा दिला दिया गया था जिस पर अब गांव के दबंग गुलाम पुत्र दुजाई ने खेत जोत कर गेंहू की फ़सल बो दी है। कब्जे का विरोध करने पर फौजदारी पर दबंग होते हैं और फर्जी मुकदमें में फसाने की एलानिया धमकी देते है पीड़िता का कहना है क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हितार्थ उनके मत हासिल करने के लिए सत्ताधारी दल के नेताओं ने उनको शोषण दमन और अत्याचार से बचाने के तमाम वादे किए थे। भोला भाला पीड़ित पक्ष नेताओं चिकनी चुपड़ी बातों में आकर इन्हें अपने मत का आशीर्वाद प्रदान कर बैठा उसके बाद से आज पूरे जिले में भू माफिया से परेशान गरीब लोगों की जिले में शामत आई हुई है ।
यहां से वहां हाथ में आवेदन पकड़े दफ्तरों के चक्कर लगा लगा कर थक चुकी पीड़िता लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है पीड़िता की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत उपजिला अधिकारी मितौली को की गई है ।
ग्राम कानाखेडा की रहने वाली पीड़िता सोने श्री पत्नी प्रदीप कुमार ने उप जिला अधिकारी मितौली को सौंपे एक शिकायती आवेदन में बताया कि थाना क्षेत्र मितौली के कानाखेड़ा में हमारी जमीन है कई वर्षों से हम वहां खेती करके अपनी आजीविका चला रहे हैं। हम राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई खतौनी हमारे पास है 30 नवंबर 2022 को गांव के गुलाम पुत्र दुजई द्वारा जबरदस्ती हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया।
और गेहूं की फसल बो दी है हमारे कहने पर लोग हमें जान से मारने की धमकी देते हैं और कहते हैं कि तुम इस जमीन को छोड़कर चले जाओ अन्यथा तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे उप जिला अधिकारी मितौली से पीड़िता ने गुहार लगाई है की उन्हें शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
और बताया कि यदि उक्त जमीन पर दबंगो का कब्जा बरकरार रहा तो हम भूखे मरने को विवश हो जाएंगे क्योंकि हमारे पास आजीविका का ओर कोई साधन नही है।
जब इस संबंध में फोन संपर्क के माध्यम से उपजिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मुझे जो सूचना प्राप्त हुई है कि इससे पहले पैमाइश हुई थी और मैंड बंदी हुई थी अवैध कब्जा को लेकर अगर कोई अवहेलना करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी
