गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शनिवार को शिवावतारी महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की पावन तपोस्थली गोरखपुर में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ‘पवित्र त्रिवेणी’ के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास वाटिका की स्थापना की तथा वन विभाग के तत्वावधान में तैयार वानिकी आधारित कैलेंडर का विमोचन किया। उन्होंने ‘मौलश्री’ का पौधा लगाकर प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पौधे वितरित किए। साथ ही, वनाच्छादन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित करते हुए प्रोत्साहन स्वरूप चेक भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदायी और पूजनीय माना गया है। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक—
“दशकूपसमा वापी, दशवापीसमो ह्रदः।
दशह्रदसमः पुत्रो, दशपुत्रसमो द्रुमः॥”
का उल्लेख करते हुए कहा कि एक वृक्ष का महत्व दस पुत्रों के समान बताया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी माँ और धरती माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसका संरक्षण भी करे।
उन्होंने प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

