मैगलगंज, खीरी।
थाना मैगलगंज अंतर्गत नेशनल हाईवे पर चल रहे सिख समुदाय के धरना प्रदर्शन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। लापरवाही के चलते एक अनियंत्रित पिकअप ने इलाज कराकर लौट रही महिला को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
इलाज कराकर लौट रही थी महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रहजानिया निवासी देवकी अपने पति राकेश कुमार के साथ जनपद सीतापुर के बरगवां से इलाज कराकर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान मैगलगंज थाना क्षेत्र में लापता कालीचरण मामले को लेकर सिख समुदाय के लोग नेशनल हाईवे जाम कर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। अव्यवस्था और लापरवाही के बीच एक पिकअप ने महिला को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी जान चली गई।
पुलिस पर धमकाने और साक्ष्य मिटाने का आरोप
मृतका के परिजनों ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि धरना प्रदर्शन के दौरान हुई इस मौत के बाद पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय जबरन शव को पिकअप में लदवाकर घर भिजवा दिया। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया ताकि मामला दब सके। मृतका के पीछे उसकी 17 वर्षीय बेटी और एक बेटा है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पूर्व सांसद के दखल के बाद जागा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर सक्रिय हुए। उन्होंने तत्काल पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उच्चाधिकारियों को मामले में न्यायसंगत कार्रवाई के निर्देश दिए। पूर्व सांसद के कड़े रुख के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा।
चौकी इंचार्ज पर गिरी गाज
बता दें कि कालीचरण मामले में पहले ही फत्तेपुर चौकी इंचार्ज सुनील तिवारी को पुलिस अधीक्षक द्वारा लाइन हाजिर किया जा चुका है। वहीं, इस ताजा हादसे और पुलिस की कथित बदसलूकी ने क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और विधिक कार्रवाई में जुटी है।
