पंकज कुमार गौतम (मुख्य संपादक)
मितौली खीरी। विकासखंड मितौली सभागार में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पूर्व राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर ने एक प्रेस वार्ता में बोलते हुए कहा कि जो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है। वह स्वागत योग्य है। हमारे देश में एक देश, एक संविधान एक झन्डा होना चाहिए यह एकीकरण के लिए खतरा था उसके विपरीत कश्मीर का संविधान अलग था हमारे देश के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी सरकार ने धारा 370 लगा कर कस्मीर में आतंक वादियो को सबक सिखाया और आतंक वाद का खात्मा किया बिरोधी दल कांग्रेस,सपा अन्य क्षेत्रीय पार्टियों ने धारा 370 का पुरजोर बिरोधी किया सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल धारा 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को सही करार दिया। और कहा कि यह अस्थाई प्रावधान था, जिसे हटाने के बाद अब बहस पूरी तरह से बेकार है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा हटाए गए आर्टिकल 370 को खत्म करने के फैसले को सही करार देते हुए कहा है कि राज्य से आर्टिकल 370 हटाने की शक्ति राष्ट्रपति के पास निहित थी। अब इतने साल बाद धारा 370 हटाने के फैसले की वैधता पर चर्चा करना किसी भी दशा में मुनासिब नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने पांच जजों की बेंच द्वारा दिए गए फैसले को पढ़ते हुए कहा है कि राज्य से आर्टिकल 370 हटाने के लिए विधानसभा की ओर से सिफारिश किए जाने की आवश्यकता नहीं थी। यह फैसला सुनाने के साथ ही उच्चतम न्यायालय ने उन सभी 23 याचिकाओं को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया। जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को हटाने या नहीं हटाने को लेकर पांच जजों की बेंच ने कुल तीन फैसला लिखे हैं, इन फैसलों में भले ही अलग-अलग बात कही गई है। लेकिन उन सभी का निष्कर्ष एक ही है यानी जम्मू कश्मीर से हटाने का केंद्र सरकार का फैसला सही है।

