लखीमपुर खीरी। अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत जनपद खीरी में पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई है। पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप दोनों मामलों में आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया।
पहला मामला मैगलगंज थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2019 में दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में रामजी रस्तोगी पुत्र बुद्धसेन तथा बुद्धसेन पुत्र गुरुसहाय, निवासी कस्बा व थाना मैगलगंज के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 386/2019, धारा 498ए, 304बी भादवि एवं 3/4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाहों की गवाही कराई गई। साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद 5 सितंबर 2026 को विशेष न्यायालय एसपीएल/ईसी एक्ट खीरी ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस मामले में प्रभावी पैरवी के लिए लोक अभियोजक कपिल कुमार कटियार तथा कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल मनीष नायक का विशेष योगदान रहा।
दूसरा मामला सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2021 में आजादनगर घोला निवासी गंगाराम पुत्र राजाराम के खिलाफ रात में घर में घुसकर 14 वर्षीय किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में मुकदमा अपराध संख्या 145/2021, धारा 457, 354, 504, 506 भादवि, 7/8 पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाहों की गवाही कराई गई।
गवाहों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद 5 सितंबर 2026 को न्यायालय एडीजे-13 अतिरिक्त पॉक्सो खीरी ने आरोपी गंगाराम को दोषसिद्ध करते हुए चार वर्ष के कारावास तथा 7 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस मुकदमे में प्रभावी पैरवी के लिए लोक अभियोजक संजय सिंह तथा कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल हेमराज कुमार का विशेष योगदान रहा।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कनविक्शन के तहत अभियोजन एवं पुलिस की प्रभावी पैरवी से अपराधियों को न्यायालय से अधिक से अधिक सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।

