लखीमपुर खीरी। जनपद में संचालित स्कूल आधारित टेटनस-डिफ्थीरिया (TD) अभियान एवं नियमित टीकाकरण को सफल बनाने हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता द्वारा विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभियान की आवश्यकता, महत्व एवं सुरक्षा पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। सीएमओ ने बताया कि 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए TD वैक्सीन अत्यंत आवश्यक है। धर्मगुरुओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने समुदायों, धार्मिक आयोजनों एवं सभाओं में इस अभियान का प्रचार करें, ताकि समाज में व्याप्त किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया जा सके और अधिक से अधिक बच्चे इस अभियान का लाभ प्राप्त कर सकें।
*धर्मगुरु समाज में निभाते हैं अत्यंत प्रभावशाली भूमिका*
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने कहा कि “धर्मगुरु समाज में अत्यंत प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं। यदि वे इस जनस्वास्थ्य अभियान को समर्थन देते हैं, तो समाज का विश्वास और भागीदारी स्वतः बढ़ेगी।”धर्मगुरुओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने समुदायों में टीकाकरण के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाएंगे। यह पहल न केवल जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाएगी, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से एक स्वस्थ भविष्य की ओर भी कदम बढ़ाएगी।
*प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड से मिलता है 5 लाख तक का सालाना निशुल्क इलाज*
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड को बनवाने के लिए भी धर्मगुरुओं से लाभार्थियों से संपर्क के करने का भी आग्रह किया गया। इस योजना के अंतर्गत सालाना 5 लाख का इलाज लाभार्थी करा सकते हैं। इस अवसर परनियमित टीकाकरण कलेण्डर भी सभी को बांटे गए जिसके माध्यम से बच्चे के टीकाकरण की तारीख याद रखने में आसानी होगी साथ ही साथ (टीबी) क्षय रोग उन्मूलन हेतु चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया गया और समुदायों में क्षय रोग से जुड़ी सही जानकारी साझा करने के लिए धर्मगुरूओं से आग्रह भी किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि अब क्षय रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान पोषण हेतु 500 रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रवि मोहन गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी रोहित सिंह, डब्लूएचओ प्रतिनिधि, यूनिसेफ प्रतिनिधि, डब्लूजेसीएफ प्रतिनिधि सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

