उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस द्वारा ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही व पैरवी के क्रम मे 04 मामलों में माननीय न्यायालय जनपद खीरी द्वारा दण्डित किया गया है सजा का विवरण निम्नवत है।
1.वर्ष 2013 में थाना *मैगलगंज* जनपद खीरी पर *अभि संदीप गुप्ता पुत्र रामगोपाल निवासी फत्तेपुर थाना मैगलगंज खीरी * के द्वारा वादी की नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ करना व चोट पहुँचाने पर मु0अ0सं0 499/2013 धारा 354/452 भादवि व 7/8 पॉक्सो एक्ट थाना मैगलगंज जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त मुकदमे का विचारण मा0 न्यायालय विशेष न्यायधीश पॉक्सो खीरी द्वारा करते हुए दिनांक 07.08.2025 को अभि0 *संदीप गुप्ता* उपरोक्त को *04 वर्ष का कारावास व 10000/- रू0* अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी।
2.वर्ष 2012 में थाना *मितौली* जनपद खीरी पर *अभि0 छुन्नन पुत्र इरफान शाह निवासी पिपरिया थाना मोहम्मदी जनपद खीरी* के कब्जे से अवैध धारदार हथियार बरमाद होने मु0अ0सं0 486/2012 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट थाना मितौली जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त मुकदमे का विचारण मा0 न्यायालय ACJM-01 खीरी द्वारा करते हुए दिनांक 07.08.2025 को अभि0 *छुन्नन* उपरोक्त को *जेल मे बितायी गयी अवधि के कारावास व 1500/-रू0 के अर्थदण्ड* की सजा सुनायी गयी।
3.वर्ष 2003 में थाना *ईसानगर* जनपद खीरी पर *अभि0 प्रेमकान्त उर्फ लालू पुत्र असर्फी निवासी लोनियनपुरवा जनपद खीरी* के द्वारा चोरी की घटना कारित करने पर मु0अ0सं0 136/03 धारा 379/411 भादवि व 4/10 UPGT Act थाना ईसानगर जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त मुकदमे का विचारण मा0 न्यायालय ACJM-02 खीरी द्वारा करते हुए दिनांक 07.08.2025 को अभि0 *प्रेमकान्त* उपरोक्त को *कोर्ट के उठने तक की अवधि के कारावास व 1500/-रू0 के अर्थदण्ड* की सजा सुनायी गयी।
4.वर्ष 2002 में थाना *कोतवाली सदर* जनपद खीरी पर *अभि0गण 1. आजाद पुत्र शहजाद 2. मंसूर खां पुत्र जकी 3. आरिफ पुत्र पुतान 4. शमशाद पुत्र मुम्ताज खां 5. रमेश पुत्र इन्द्रपाल निवासी गण बड़ागांव थाना कोतवाली सदर जनपद खीरी* के द्वारा चोरी की घटना कारित करने पर मु0अ0सं0 72/2002 धारा 379/411 भादवि व 26 F. Act थाना कोतवाली सदर जनपद खीरी पर पंजीकृत हुआ था। उक्त मुकदमे का विचारण मा0 न्यायालय ACJM-02 खीरी द्वारा करते हुए दिनांक 07.08.2025 को अभि0गण उपरोक्त को *जेल मे बितायी गयी अवधि के कारावास व 1200-1200/-रू0 के अर्थदण्ड* की सजा सुनायी गयी।

