रिपोर्ट – रोहित अर्कवंशी
हरदोई महिला उत्पीड़न से संबंधित कई कानून आने के बाद भी महिला उत्पीड़न थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं शासन प्रशासन के लोग महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर दावे और वादे तो बड़े-बड़े कर रहे हैं लेकिन धरातल पर पुलिस के कुछ चुनिंदा लोगों की वजह से सब हवा हवाई नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला अब्दुल पूर्वा का प्रकाश में आया है। जिसमें पीड़ित महिला असमा खातून ने अपने पति के साथ साथ कई अन्य लोगों पर गंभीर बड़े गंभीर आरोप लगाते हुए बताया पीड़ित के पति इसहाक अली उर्फ बबलू निवासी मोहल्ला अब्दुल पुरवा जनपद हरदोई का पहले से ही रजिया पुत्री जाकिर के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।उसकी अय्याशियों की प्रतिपूर्ति के लिए वह पीड़ित के साथ आए दिन मारपीट झगड़ा फ़साद पर आमदा रहता था।हद तो तब हो गई जब पीड़ित को मुंह से बोलकर तीन तलाक देकर मनगढ़ंत कूटरचित आरोप लगाते हुए न्यायालय में तलाक की अर्जी दायर कर दी जिसका विरोध करने पर पीड़िता के साथ जमकर मारपीट कर दी और बच्चों को छीनने लगा।जिसकी शिकायत पीड़िता ने दिनांक 12/12/2024 को कोतवाली देहात में शिकायती पत्र दिया लेकिन पीड़िता की कोई सुनवाई नहीं हुई पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विपक्षी ने थाना पुलिस के साथ साठ गांठ कर मामले को रफा-दफा कर दिया। पीड़िता तहरीर देखकर कोतवाली देहात से जब वापस आ रही थी तब विपक्षी ने अपने सहयोगियों मुस्ताक अली पुत्र सैयद अली निवासी अब्दुल पूर्वा मुन्ना पुत्र डागे निवासी संडीला जाकिर अली पुत्र मोहम्मद निवासी अशरफ टोला बेनीगंज व दो अन्य अज्ञात लोगों पर भी बच्चों को छीनने ,मारपीट व उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के यहां अपनी अर्जी लगाई है जहां पर पुलिस अधीक्षक में पूर्ण कार्यवाही होने का आश्वासन दिया है पीड़िता ने कार्यवाही न होने पर आत्मदाह की भी बात कही है।
ब्यूरो रिपोर्ट हरदोई

