पंकज कुमार (मुख्य संपादक)
एक तरफ़ आकाश आनंद हैं जो “बहनजी” के निर्णय को सहजता,परिपक्वता और पूरे आदर से स्वीकार करते हैं।दूसरी तरफ़ वो भी हैं जिन्होंने 2017 में पिता और चाचा को धक्के मारकर पार्टी पर क़ब्ज़ा किया था।ये सब तो संस्कारों और अनुशासन की बात है।
कौन हैं आकाश आनंद?
आकाश आनंद 29 साल के नौजवान हैं।जिन्होंने लंदन के प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए किया है।उच्च शिक्षित आकाश वक्तृत्व कला और संप्रेषण कौशल में दक्ष हैं।संस्कार और अनुशासन में उनका कोई सानी नहीं हैं। 16 अप्रैल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बहुजनों की राजधानी कोठी मीना बाज़ार, आगरा के मैदान में अपना पहला चुनावी भाषण दिया।उस पहले भाषण के दौरान मंच पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और चौधरी जयंत सिंह उपस्थित थे।अपनी पहली ही तक़रीर से अवाम का ध्यान आकर्षित किया। 3 दिन बाद 19 अप्रैल 2019 को मैनपुरी के ऐतिहासिक क्रिस्चियन कॉलेज मैदान में आयोजित चुनावी जनसभा में उस पल के भी साक्षी बनते हैं जहां बहनजी और नेताजी 2 जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड के बाद एक साथ मंच साझा करते हैं।
जून 2019 में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में बहनजी आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त करती हैं।नेशनल कोऑर्डिनेटर बनने के बाद से आकाश आनंद ने पूरे देश भर में लंबी-लंबी यात्राएँ की।ग़ैर उत्तर प्रदेश राज्यों का भ्रमण किया।वहाँ के बहुजन समाज के सुख-दुख को बाँटा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और राजस्थान राज्य में दलित, पिछड़े, आदिवासी और मुस्लिम समाज में बहुत काम किया।आकाश आनंद के लगातार सक्रिय रहने से बहुजन युवाओं में नवीन उत्साह का संचार हुआ।सोशल मीडिया से लेकर ज़मीन तक युवाओं ने मोर्चा सँभाल लिया।बसपा के ख़िलाफ होने वाले हर प्रोपेगैंडा को बेनक़ाब किया।
2024 के लोकसभा चुनाव में बहनजी के बाद आकाश नंबर दो के स्टार प्रचारक बनाए गए।उन्होंने अपनी चुनावी रैलियों में आक्रामक भाषण शैली से विरोधी दलों पर ज़ोरदार हमला किया।उनके इस अंदाज़ का बहुजन युवाओं पर ज़बरदस्त असर हुआ।मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने लगातार बहुजन आंदोलन को गति दी।
उन्होंने कई मीडिया इंटरव्यू में बहुजन मूवमेंट और बहनजी के संघर्ष पर बात की है।वह बहनजी को आदर और प्रेम से “बुआ मॉं” बुलाते हैं।वह बहनजी के हर निर्णय को सर्वोपरि मानते हैं।उन्होंने अपनी कई रैलियों और इंटरव्यू में कहा है कि- “जो बहनजी को नहीं मानते, और बहनजी की नहीं मानते, ऐसे लोगों से उनका कोई सरोकार नही, बहनजी बहुजन समाज की सर्वमान्य नेता हैं।”
26 अप्रैल को द्वितीय चरण के मतदान के समय नोएडा मतदान केंद्र पर वह अपने पिताजी आनंद कुमार जी और अपनी पत्नी प्रज्ञा आनंद के साथ मौजूद थे तो मीडिया ने उनसे बसपा के चुनाव प्रचार और रणनीति पर बात करने का प्रयास किया उस समय पड़ोस में उनके पिताजी आनंद कुमार खड़े थे।आकाश आनंद ने मीडिया से कहा कि हमारे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार साहब खड़े हैं वह हमारे बड़े नेता हैं पार्टी के बारे में वह बात करेंगे।इससे उनके संस्कार और अनुशासन का पता लगता है।
आकाश आनंद बहुजन मूवमेंट की क़ीमती पूँजी और भविष्य की मज़बूत आवाज़ हैं।”बहनजी” उन्हें नवीन प्रशिक्षण के लिए तैयार होने का आदेश देती हैं।आकाश आनंद भी अपनी “बुआ मॉं” के निर्णय को सहजता, परिपक्वता और आदर से स्वीकार करते हैं।
बसपा और बहुजन मूवमेंट की नेता उनकी “बुआ मॉं” हैं।और वह अपनी “बुआ मॉं” के “चहेते भतीजे”।”बहनजी” भविष्य की राजनीति के लिए उन्हें तैयार कर रही हैं।आने वाला स्वर्णिम राजनैतिक भविष्य आकाश आनंद का है।आकाश आनंद आने वाले समय में राजनीति के चमकते सितारे है

