मितौली, खीरी। अखण्ड ज्योति एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी वर्ष–2026 के उपलक्ष्य में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा संचालित ‘ज्योति कलश रथ यात्रा’ का शनिवार को मितौली कस्बे के दुधवा सती मंदिर परिसर में भव्य स्वागत किया गया। रथ के पहुंचते ही पूरा परिसर गायत्री मंत्रों, वैदिक मंगलध्वनि और जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर दिव्य ज्योति का अभिनंदन किया और दर्शन-पूजन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
रथ यात्रा के स्वागत के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। “गायत्री माता की जय”, “युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य अमर रहें” तथा “वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा अमर रहें” के गगनभेदी उद्घोषों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके उपरांत आयोजित दीपयज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए राष्ट्र की सुख-समृद्धि, विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव एवं मानव कल्याण की प्रार्थना की। सैकड़ों दीपों की जगमगाती रोशनी से मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने “हम बदलेंगे–युग बदलेगा” का संकल्प लेते हुए युग निर्माण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक रामखेलावन निषाद ने कहा कि वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा का जीवन सेवा, त्याग, तप, साधना और नारी जागरण का अनुपम उदाहरण है। जन्मशताब्दी वर्ष समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का ऐतिहासिक अवसर है।
शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे टोलीनायक दधिबल सिंह एवं उनके सहयोगी सूर्या कुशवाहा ने कहा कि ‘ज्योति कलश रथ यात्रा’ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और मानव सेवा का जन-जागरण अभियान है। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश पहुंचाना है।
कार्यक्रम के अंत में गायत्री परिवार मितौली के तहसील प्रभारी कामता प्रसाद मौर्य ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का वास्तविक विकास संस्कार, सेवा, साधना और संगठन की भावना से ही संभव है। उन्होंने सभी से युग निर्माण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के पदाधिकारी, मातृशक्ति, युवा प्रकोष्ठ के सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने मितौली में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण का प्रेरणादायी संदेश दिया।

