लखीमपुर खीरी। ”हादसों के उस कॉरिडोर पर, जहां चंद मिनट जिंदगी और मौत का फासला तय करते हैं, वहां अब ओयल का 20 बेड का ट्रामा सेंटर लोगों के लिए साक्षात ‘संजीवनी’ साबित हो रहा है। एक ही दिन में तीन सफल सर्जरी कर डॉक्टरों ने इस बात को फिर साबित भी कर दिया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के विशेष प्रयासों से शुरू हुआ बेहजम तिराहा ओयल स्थित 20 बेड का यह ट्रामा सेंटर अब नित नए कीर्तिमान रच रहा है। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों को बेहद आधुनिक आपातकालीन सेवाएं दी जा रही हैं। इसी क्रम में डॉक्टरों की टीम ने एक ही दिन में तीन बेहद जटिल ऑपरेशनों (मेजर सर्जरी) को सफलतापूर्वक अंजाम देकर यह साबित कर दिया है कि अब खीरी के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की तरफ भागने की जरूरत नहीं है। राहत की बात यह है कि तीनों ही मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
*एक ही दिन में तीन बड़ी सर्जरी, डॉक्टरों ने दिखाया कमाल*
बीती 28 जून को ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक ही दिन में तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में सफल सर्जरी की जिनमें रामकली (45 वर्ष), निवासी नीमगांव: इनके कूल्हे की हड्डी टूट चुकी थी, जिसका डॉक्टरों ने बेहद जटिल सफल ऑपरेशन किया। लालन वर्मा (40 वर्ष), निवासी लखीमपुर: इनकी जांघ की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त थी, जिसकी सफल सर्जरी की गई। युद्रांश (5 वर्ष), निवासी पिपरझला: इस मासूम बच्चे के पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसका डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर उसे दोबारा चलने की उम्मीद दी। इस ऐतिहासिक सफलता को मुमकिन बनाने में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. हरिराम वर्मा, डॉ. विनोद, डॉ. फैजल, डॉ. शशांक तथा एनेस्थेटिक डॉ. जयराम की टीम का विशेष योगदान रहा।
*आंकड़े दे रहे गवाही: तेजी से बढ़ रहा है मरीजों का भरोसा*
ओयल ट्रामा सेंटर में कंधे, घुटने, हाथ और पैर की बड़ी (मेजर) और छोटी (माइनर) दोनों प्रकार की सर्जरियां की जा रही हैं। पिछले डेढ़ साल के आंकड़े यह साफ बयां करते हैं कि यह सेंटर कितनी तेजी से लोगों का मददगार बना है।
अगर बात करें 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक 8,807 मरीजों को यहां इलाज मिला है। वहीं 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 (मात्र 6 माह) 3,483 मरीज इलाज प्राप्त कर चुके हैं।
*सीएमओ के प्रयास ला रहे रंग*
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता की दूरदर्शी सोच और व्यक्तिगत रुचि के कारण ही आज इस ट्रामा सेंटर में 4 कुशल सर्जन और 2 एनेस्थेटिक डॉक्टरों सहित पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि ट्रामा सेंटर की सेवाओं को भविष्य में और अधिक आधुनिक और जनोपयोगी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि जिले और आसपास की एक बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिल सके।

