लखीमपुर खीरी। जनपद खीरी में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा निरंतर संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक खीरी डॉ. ख्याति गर्ग के कुशल निर्देशन, प्रभावी नेतृत्व एवं सतत पर्यवेक्षण में महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म, पॉक्सो एवं अन्य गंभीर अपराधों से प्रभावित पीड़िताओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पंजीकृत महिला संबंधी गंभीर अभियोगों में पात्र पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को “रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना” के अंतर्गत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु व्यापक कार्यवाही की गई।
पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा सभी थाना प्रभारियों, महिला सहायता प्रकोष्ठ, मिशन शक्ति सेल एवं संबंधित शाखाओं को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पात्र प्रकरण में समयबद्ध ढंग से प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर भेजे जाएं, जिससे पीड़िताओं को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके।
जनपद पुलिस द्वारा प्रत्येक मामले का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण करते हुए पीड़िताओं एवं उनके परिजनों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें सहायता प्रक्रिया एवं शासन की योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कई मामलों में पीड़ित परिवार आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों से जूझ रहे थे, ऐसे में पुलिस विभाग द्वारा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए दस्तावेजों की पूर्ति, सत्यापन एवं शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया गया।
आर्थिक सहायता प्रकोष्ठ जनपद खीरी की सक्रिय कार्यवाही एवं सतत अनुश्रवण के परिणामस्वरूप 16 पात्र पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को कुल 48 लाख रुपये (₹48,00,000) की आर्थिक सहायता स्वीकृत कराई गई, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल एवं मानसिक सहयोग प्राप्त हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा महिला सुरक्षा एवं पीड़ित सहायता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी महिला पीड़िता को सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब अथवा प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
जनपद पुलिस द्वारा महिला अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाते हुए न केवल अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, बल्कि पीड़िताओं को न्याय, सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु भी निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
