लखीमपुर खीरी।जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान चंदन चौकी में कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को पर्याप्त सुविधाएं न मिलने का मामला सामने आया है। भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बीच रिपोर्टिंग कर रहे कई पत्रकारों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर न तो पेयजल की समुचित व्यवस्था थी और न ही छाया या बैठने की उचित सुविधा उपलब्ध कराई गई। लंबे समय तक धूप में कवरेज करने के कारण कई पत्रकार अस्वस्थ हो गए। इस दौरान राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिला मीडिया प्रभारी मासूक भाई की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि बड़े सरकारी कार्यक्रमों में पत्रकारों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है, लेकिन इस बार व्यवस्थाएं नाकाफी रहीं।
पत्रकार संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से जवाबदेही तय करने और भविष्य में बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही कहा गया है कि फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पत्रकारों की मांग:
कार्यक्रम स्थलों पर पेयजल, छाया व बैठने की समुचित व्यवस्था
स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता
मीडिया के लिए अलग से सुरक्षित कवरेज जोन
पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि “सुरक्षित पत्रकार ही सशक्त पत्रकार होता है”, इसलिए इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई जरूरी है।
