रिपोर्ट- पंकज कुमार गौतम
लखीमपुर खीरी।राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केंद्र, लखीमपुर खीरी में दिनांक 27 मई 2025 को 100 दिवसीय उद्यमिता विकास खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर वे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्री दुर्गेश वर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
डॉ. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा, “आपमें असीम ऊर्जा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उस ऊर्जा को सही दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है आत्मनिर्भर भारत, जो तभी साकार होगा जब हम आत्मनिर्भर बनेंगे।” उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर खुद का व्यवसाय शुरू करें और देश की समृद्धि में भागीदार बनें।
कार्यक्रम में पूर्व जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन अनूप सिंह ने प्रतिभागियों को ‘लिज्जत पापड़’ की प्रेरणादायक कहानी सुनाते हुए बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद एक महिला समूह ने देशव्यापी ब्रांड खड़ा किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “आप भी 100 दिन का प्रशिक्षण लेकर अपना उद्योग स्थापित करें और उत्पाद की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। सरकार आपके उत्पाद की मार्केटिंग में पूरा सहयोग करेगी।”
खाद्य प्रसंस्करण के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में टमाटर के दाम इतने गिर गए कि किसानों को लागत तक नहीं मिल पाई और उन्हें फसल खेतों में ही नष्ट करनी पड़ी। ऐसे में टमाटर से सॉस, प्यूरी, केचप जैसे उत्पाद तैयार कर उनका संरक्षण किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को वर्ष भर पोषणयुक्त उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश वर्मा, शिवकुमार पिप्पल, कुमारी नेहा वर्मा, रामजी वर्मा, संतोष कुमार, दिनेश कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए। प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी श्री राजेश कुमार पिप्पल ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम न केवल प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें स्वरोजगार की दिशा में भी सशक्त करेगा।
मुख्यालय लखनऊ से पधारे खाद्य प्रसंस्करण विशेषज्ञ रघुवंश नारायण ने विषय पर तकनीकी जानकारी साझा की और बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत कैसे उद्योग स्थापित कर लाभ कमाया जा सकता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को ब्रांड बनाकर लखीमपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है।

