लखीमपुर खीरी 26 मई। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उप्र लखनऊ द्वारा दिव्यांगजन की दिव्यांगता कम व समाप्त करने के उद्देश्य से शल्य चिकित्सा योजना संचालित है। उक्त आशय की जानकारी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी वीरपाल ने दी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 0-5 वर्ष आयु वर्ग के मूक-बधिक दिव्यांग बच्चो की कॉक्लियर, इम्प्लांट व चलन किया के 0-20 वर्ष आयु के दिव्यांग बच्चो (पोलियाग्रस्त/तिरछे पैर/टेढे-मेढे पैर/गहनुआ आदि) की निःशुल्क करेक्टिव सर्जरी करायी जाती है। उपरोक्त दिव्यांग बच्चे कॉक्लियर इम्प्लांट/करेक्टिव सर्जरी कराये जाने के लिए अपना पंजीकरण कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी लखीमपुर खीरी मे अवश्य करा ले, ताकि शिविर के आयोजन होने पर उनकी निःशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट/करेक्टिव सर्जरी करायी जा सके। पंजीकरण के लिये दिव्यांगजन अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व फोटो अवश्य साथ लाये।
*दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं संचालित : डीएम*
*शल्य चिकित्सा योजना का उठाएं लाभ सवारे बच्चों का भविष्य : डीएम*
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जरिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। दिव्यांगजनों का सहयोग के लिए उन्हें आवश्यक उपकरण समेत अन्य आर्थिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग संचालित हैं। जहां दिव्यांगों का चिकित्सीय प्रमाण पत्र, उपकरण व पेंशन उपलब्ध कराता है। साथ ही पुनर्वास केंद्र संचालित कर मानसिक रुप से कमजोर बच्चों को अभ्यास के जरिए ठीक भी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने दिव्यांगजन की दिव्यांगता कम व समाप्त करने के उद्देश्य से शल्य चिकित्सा योजना संचालित एवं क्रियान्वित है। दिव्यांग बच्चों के काक्लियर इम्प्लांट कराने या निःशुल्क करेक्टिव सर्जरी के लिए आमंत्रित किए हैं, जिनमे जरूरी दस्तावेज लगाकर आवेदन देकर पंजीकरण कराएं। अधिक जानकारी के लिए विकास भवन में स्थापित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय में संपर्क करे।
