स्व० कपिल देव खरे स्मृति संस्था कपिलश फाउण्डेशन ने फाउण्डेशन के कार्यालय पर ही काव्य गोष्ठी आयोजित कर अपना स्थापना दिवस मनाया। संस्थापिका लक्ष्मी खरे की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते कार्यक्रम का प्रारूप स्थानीय स्तर तक ही सीमित रखा गया। मुख्य अतिथि के रुप में नगर के समाजसेवी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल उपस्थित रहे। स्थापना के पाँच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कपिलश फाउण्डेशन की अध्यक्ष शिप्रा खरे द्वारा एक स्थानीय और दो राष्ट्रीय सम्मानों की घोषणा की गई। वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रीय स्तर सम्मान हिन्दी साहित्य में योगदान के लिए ‘कपिल देव खरे स्मृति सम्मान’ प्रतिभावान कवि पं० सुरेश शुक्ल संदेश को एवम चिकित्सा व समाज सेवा के लिए ‘रघुनंदन प्रसाद स्मृति सम्मान’ डॉक्टर उमेश वर्मा को दिया गया जिसमें प्रत्येक को ग्यारह सौ रुपए की सम्मान राशि, दोशाला, प्रशस्ति पत्र और सम्मान प्रतीक प्रदान किए गए। स्थानीय स्तर पर कवि गेंदन लाल कनौजिया को ‘छोटी काशी की कलम’ सम्मान दिया गया। पदेन संरक्षक नगरपालिका परिषद गोला, संरक्षक ज्ञान स्वरूप शुक्ल ज्ञानू महाराज, डॉ वी बी धुरिया और नानक चंद वर्मा के संरक्षण और विश्व रिकॉर्डधारी यतीश शुक्ला के संयोजन में कपिलश फाउण्डेशन पांच वर्षों से साहित्य, शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका संचालन हास्य व्यंग के वरिष्ठ कवि श्रीकान्त तिवारी कान्त ने किया। जिसमें देश भर में ख्याति प्राप्त आचार्य नंदी लाल निराश, बेनी राम अंजान, वेद प्रकाश अग्निहोत्री, सुरेश शुक्ल संदेश, सन्त कुमार बाजपेई, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, रमेश पाण्डे शिखर शलभ ने अपनी रचनाएं सुनाई। साथ ही कवियित्री स्मिता तिवारी, अनंग कुमार वर्मा, गेंदन लाल कनौजिया, श्याम मोहन मिश्र, बृजेश तिवारी, मुनेंद्र प्रताप, एड रमाकांत चौधरी, शशिकांत मिश्रा, श्रीपाल वर्मा व शिप्रा खरे ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का समापन संस्थापिका लक्ष्मी खरे ने सबका धन्यवाद कर किया। श्रोताओं के रुप में गीतांजलि गुप्ता, अभय शुक्ला, शिवम तिवारी, जेबा खान, मेहनाज, ज्योति शाह, दुर्गेश कुमार, प्रदीप रघुवंशी, अरशद खान आदि उपस्थित रहे।

