चीफ एडिटर पंकज कुमार
मितौली खीरी | विकासखंड मितौली क्षेत्र के खमरिया गांव में 37 वां श्री विष्णु महायज्ञ मानस संत सम्मेलन का आयोजन दिनांक 7 जनवरी से 13 जनवरी 2023 तक किया जा रहा है जो कलश यात्रा का यज्ञशाला से ब्रह्म बाबा स्थान तक पैदल पदयात्रा के साथ किया गया जिसमें परम पूज्य स्वामी श्री विनीत जी महाराज द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करवा कर सभी महिलाओं ने वहां से जलाभिषेक भरकर यज्ञशाला पहुंची इस मेले में विद्वानो के मुखारविंद से राम कथा की जीवन लीला के बारे में रसपान कराया जाएगा जिसमें विद्वान 7 जनवरी से 13 जनवरी को आचार्य श्री इंद्र कांत जी बाल व्यास श्री आशीष जी महाराज 9 से 10 जनवरी को साध्वी पूर्णिमा मिश्रा नैमिष धाम 10 से 12 जनवरी को श्री प्रवीण दिक्षित शाहजहांपुर 8 से 9 जनवरी को हरिओम बाजपेई लखनऊ 8 से 10 जनवरी को अनुराग बाजपाई लखनऊ 11 से 13 जनवरी तक आशीष महाराज बिठूर साध्वी कल्याणी जी लखनऊ आज विद्वानों द्वारा इस मेले में विद्वानों द्वारा मधुर मधुर वाणी से लोगों को आनंदित किया जाएगा यह मेला काफी समय से चलता चला रहा है जिसमें दूरदराज से काफी लोग भारी संख्या में पहुंचते हैं इस अवसर पर पूर्व प्रधान चंद्रशेखर वर्मा विपुल पटेल यज्ञ जजमान राम अवतार मदन रामनरेश परमेश्वर महादेव प्रसाद वर्मा एडवोकेट सहित यज्ञ समिति एवं समस्त सम्मानित नागरिक व महिलाएं मौजूद रहीं
डिप्टी चीफ एडिटर अनिल कुमार
पूर्णाहुति के बाद विराट पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का किया गया समापन
मितौली खीरी। क्षेत्र के पिपरिया शिव मंदिर के निकट प्रांगण में चल रहे विराट पांच कुंडीय नवचेतना जागरण गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन पूर्णाहुति के बाद विद्यारम्भ संस्कार,नामकरण संस्कार, पुंशवन संस्कार शान्ति कुंज के प्रशिक्षित आचार्यो द्वारा कराये गए ।
कार्यक्रम के तीसरे व अंतिम दिन सुबह से कई पारियों में श्रद्धालु भक्तों ने यज्ञ भगवान को आहुतियां प्रदान की गईं।पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा युग ऋषि वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं परम बन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण व ऋषि तंत्र के मार्गदर्शन में मानव मात्र को विश्वव्यापी संकटों से उबारने एवं सही रास्ते पर चलने का सन्मार्ग मिल सके। इसी मंगलमय उद्देश को लेकर कस्बे में पाँच कुंडीय गायत्री महा यज्ञ का आयोजन किया गया । भक्तों ने अपनी अपनी श्रद्धा ,भावना व निष्ठा जोड़ते हुए यज्ञ भगवान से मंगलमय प्रार्थना के साथ आहुतियां समर्पित किये थे । शांति कुंज के प्रशिक्षित आचार्य सत्य नारायण सिंह,आचार्य अमर पाल जी अंकित कुमार ने सायं कालीन बेला में अष्टावक्र की कथा इस प्रकार सुनाया ,उद्दालक ऋषि के पुत्र का नाम श्वेतकेतु था। उद्दालक ऋषि के एक शिष्य का नाम कहोड़ था। कहोड़ को सम्पूर्ण वेदों का ज्ञान देने के पश्चात् उद्दालक ऋषि ने उसके साथ अपनी रूपवती एवं गुणवती कन्या सुजाता का विवाह कर दिया। कुछ दिनों के बाद सुजाता गर्भवती हो गई। एक दिन कहोड़ वेदपाठ कर रहे थे तो गर्भ के भीतर से बालक ने कहा कि पिताजी! आप वेद का गलत पाठ कर रहे हैं। यह सुनते ही कहोड़ क्रोधित होकर बोले कि तू गर्भ से ही मेरा अपमान कर रहा है इसलिये तू आठ स्थानों से वक्र (टेढ़ा) हो जायेगा। इस प्रकार अष्टावक्र की कथा सुनाते हुए श्रोताओं को भावविभोर कर दिया तत्पश्चात दीप यज्ञ का कार्यक्रम एवं कन्या भोज तथा टोली विदाई का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का कुसल संचालन परम् विद्वान आचार्य अमर पाल जी के द्वारा किया गया। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार मितौली के तहसील प्रभारी मास्टर कामता प्रसाद मौर्य ने सभी कार्य कर्ताओं को धन्यवाद दीया

