पंकज कुमार (चीफ एडिटर
लखीमपुर खीरी। एक बार फिर कोविड की लहर आने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को कोविड के सभी नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं इससे निपटने की सभी तैयारियां पूरी करी जा रही हैं।
सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता ने बताया कि कोविड ओमीक्रोन एक्सबीबी का नया वायरस बेहद खतरनाक है और इसके कारण कोविड लहर आने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में लोगों को इससे सतर्क रहते हुए कोविड निर्देशों का पालन करना चाहिए। यह नया वायरस ऐसा है कि इसका सही तरीके से पता लगाना आसान नहीं है। इसके निम्नलिखित लक्षण हैं। जिनमें जरूरी नहीं है कि आप को खांसी हो या बुखार हो ऐसे मरीज बहुत सीमित संख्या में ही होंगे, जबकि जोड़ों का दर्द, सिर दर्द, गर्दन में दर्द, ऊपरी कमर में दर्द, निमोनिया, आमतौर पर भूख ना लगना इसके लक्षणों में शामिल हैं। यह ओमीक्रोन के एक्सबीबी डेल्टा संस्करण की तुलना में 5 गुना अधिक विषैला है और इसकी तुलना में मृत्यु दर भी अधिक हो होने की संभावना होगी। कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की जिनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जाएगी। इसकी जांच के लिए लखनऊ लैब में सैंपल भेजे जाएंगे।
इसकी गंभीरता कम समय में ही बढ़ जाती है और कभी-कभी कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं होते। ऐसे में इससे अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। यह कम समय में सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है। कोविड ओमीक्रोन एक्स बीबी के निदान वाले कई रोगियों को ज्वरनाशक और दर्द रहित के रूप में वर्गीकृत किया गया था लेकिन एक्स-रे में हल्का छाती में निमोनिया दिखता है। इस वायरस में एंटीजेन परीक्षण के रिजल्ट कई बार नकारात्मक होते हैं। ऐसे में वायरस समुदाय में फैल सकता है। यह सीधे फेफड़ों को संक्रमित करता है। इससे वायरल निमोनिया हो सकता है जो बदले में तीव्र स्वसन संकट का कारण बन सकता है। इन्हीं कारणों से यह अत्यधिक घातक बन जाता है।
क्या-क्या रखें सावधानियां
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से लोगों को बचना चाहिए। खुले स्थानों में भी डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर रखें, डबल लेयर मास्क पहने, हाथों को बार-बार धोएं, हाथों को मिलाने से बचें। यह कोविड ओमीक्रोन एक्सबीबी की लहर कोविड 19 की पहली लहर से भी घातक है। इसीलिए हमें बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है और इसके बारे में अपने परिवारी जन व दोस्तों को भी जागरूक करना होगा।
लखीमपुर खीरी। जनपद में 89542 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए है जो की प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने को लेकर चलाए गए अभियान की प्रगति जानने को लेकर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक के कार्यालय पर की गई जिसमें कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर बी सी पंत द्वारा प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया गया कि खीरी को मंडल में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है वहीं लक्ष्य को शत-प्रतिशत पाने के लिए 22 दिसंबर से 29 दिसंबर तक पुनः अभियान चलाकर आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
डीजीएम अनुज प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड को लेकर जो अभियान चलाया गया था उसमें विभाग को अच्छी सफलता मिली है यह अभियानदिनाक 23 नवंबर 2022 से दिनांक 22 दिसंबर 2022 तक प्रदेश में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर बीसी पंत द्वारा सभी विभागों से सामंजस्य स्थापित कर मॉनिटरिंग का कार्य किया जा रहा था। सभी विभागों द्वारा मिले सहयोग को लेकर सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता द्वारा उनके सहयोग के लिए सभी को धन्यवाद दिया गया है साथ ही 22 दिसंबर से शुरू हुए अभियान में पूर्ण सहयोग देने की अपील भी की गई हैं। अभियान में पंचायती राज विभाग, पूर्ति विभाग, बाल पुष्टाहार विभाग एवं विकास विभाग द्वारा भी अहम योगदान रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में समस्त पंचायत सहायक, आशा (कोटेदार,आंगनबाड़ी लाभार्थी को बुलाने हेतु सहयोग प्रदान किया गया) आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। जिसकी नियमित समीक्षा जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला पंचायती राज, अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी के साथ की जाती रही तथा तहसील स्तर एवं विकास स्तर पर उप जिलाधिकारी, बीडीओ, एडीओ पंचायत, सप्लाई इंस्पेक्टर, एमओआईसी, सीडीपीओ द्वारा की जाती रही।
वहीं आयुष्मान गोल्डन कार्ड के लक्ष्य को शतप्रतिशत लक्ष्य को पाने के लिए दोबारा अभियान दिनाक 22 दिसंबर से 29 दिसंबर तक युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। जिसमे लाभार्थियों के शत प्रतिशत आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित करना है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ अन्य विभागों के द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है। मंडल में खीरी 89542 द्वारा सर्वाधिक कार्ड बनाए गए हैं। जिसमे रायबरेली 48333 दूसरे स्थान पर, सीतापुर 45682 तीसरे, लखनऊ 35851चौथे, हरदोई 12860 पांचवे तथा उन्नाव 7933 छठवें स्थान पर है |
