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मितौली खीरी।ग्रामीण एवं खेतिहर मजदूर यूनियनों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को मजदूर साथियों ने ब्लॉक मितौली पहुंचकर खंड विकास अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वीवी ग्राम योजना को वापस लेने तथा मनरेगा योजना को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों के लिए एक मजबूत सहारा है और इस योजना ने गरीब मजदूर परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मजदूर संगठन ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण मजदूरों को काम मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही फेशियल हाजिरी व्यवस्था के चलते कई मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं मिल रहा।
मजदूर नेताओं ने कहा कि पहले ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण में अधिक अधिकार प्राप्त थे, लेकिन अब अधिकांश अधिकार केंद्र सरकार के पास चले गए हैं, जिससे ग्राम पंचायतों की भूमिका कमजोर हो रही है। उन्होंने मनरेगा में 100 दिन की जगह कम से कम 300 दिन रोजगार देने और मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में वीवी ग्राम जैसे मजदूर विरोधी कानून को वापस लेना, फेशियल हाजिरी व्यवस्था समाप्त कर पुरानी सरल हाजिरी प्रणाली लागू करना, प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अधिक रोजगार उपलब्ध कराना तथा मजदूरी दर में बढ़ोतरी शामिल रही।
इस दौरान मजदूर संगठन के कई पदाधिकारी एवं ग्रामीण मजदूर मौजूद रहे।

