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संपादक पंकज कुमार
मितौली खीरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व बृजेश पाठक लगातार फर्जी हॉस्पिटलों पर कार्यवाही करने की बात कहते हैं लेकिन देखना यह है कि इस अस्पताल पर क्या कार्रवाई की जाएगी। जो आए दिन हॉस्पिटल में कोई ना कोई घटनाएं होती रहती है
वहीं मितौली थाना क्षेत्र के रहने वाली अंजली देवी पत्नी विपिन कुमार अपनी पत्नी को प्राइवेट मैडोलेक्स हॉस्पिटल भर्ती कराया था। जहां डॉक्टर अनिल राज ने बताया की आपकी पत्नी के पथरी ऑपरेशन हम कर देंगे जिसमें चार-पांच दिन में आपकी पत्नी को आराम मिल जाएगा। लेकिन ऑपरेशन 25 तारीख की सुबह 7:00 के आसपास करना शुरू किया। जिसमें पहले इंजेक्शन देते ही अंजली देवी तड़पने चिल्लाने लगी और बाहर बैठी उसकी मां और पति काफी चिंता में पड़ गए। लेकिन उनको यह पता नहीं था कि इतना चिल्ला रही है कि अचानक उसकी डॉ अनिल राज के द्वारा इंजेक्शन लगाने से ही मौके पर मौत हो गई। डॉ अनिल राज ने अपनी टीम के साथ अपना बचाव करने के लिए मृत अवस्था में ही उसको लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। जहां वेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टर ने तत्काल कहा पहले से ही शव मृत अवस्था में आया है। उसको फिर से वही मैडोलेक्स की तत्काल ओमनी गाड़ी ने फिर से लेकर वापस मंगवाया। जहां डॉक्टर अनिल राज द्वारा इंजेक्शन देकर मार दिया व वह चिल्लाने चीखने पर घोर लापरवाही व मुंह दबाकर की गई हत्या। ऐसी अंशका जताई जा रही।
नाराज परिजनों ने लखीमपुर नेशनल मार्ग पर शव रख कर काटा हंगामा। और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग गई। और वही पुलिस प्रशासन के लोगों ने आश्वासन देकर कहा कि आप लोगों की बात सुनी जाएगी और डॉक्टर को जेल भेजा जाएगा। इसके बाद काफी समझाने के बाद मृतिका के परिजनों ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया था। और तत्काल प्रभाव के साथ डॉक्टर अनिल राज के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। लेकिन सवाल यह बनता है मुकदमा पंजीकृत हो गया लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई। जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो परिजनों के होश उड़ गए।
जहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ही बदला दिया गया। जिस रिपोर्ट में दिखाया गया हृदय गति रुकने से अंजली देवी की हुई मौत। अगर हृदय गति रुकने से हुई थी मौत। तो अंजली देवी इंजेक्शन लगाते ही जोर-जोर से चिल्लाने चिल्लाने की आवाज आई जिसके बाद उसकी मौके पर मौत हो गई। जिसके नाक से खून और मुंह से झाग निकला। जो एक जांच का विषय बना।
कहीं ऐसा तो नहीं मितौली क्षेत्र में चल रही पैथोलॉजी लैब पर फर्जी जांच तो नहीं बनाई गई। अगर ऐसा है तो जांच सही नहीं हुई जिसकी वजह से इंजेक्शन लगाने के कारण अंजली देवी की मौत हो गई।
इस मामले को लेकर अंजली देवी के परिवार के लोगों ने सीएमओ, जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक उप जिलाधिकारी मितौली,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी मितौली, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश,महिला आयोग उत्तर प्रदेश सहित कई जगह प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की। और उन्होंने प्रार्थना पत्र में मांग की है की डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही और अस्पताल को तत्काल सीज किया जाए। अगर हॉस्पिटल को सीज नहीं किया गया। तो पूरा परिवार मुख्यमंत्री दरबार में जाकर अपनी समस्या को बतायागा।
लेकिन सवाल यह बनता है डॉक्टर अनिल राज की अभी तक गिरफ्तारी नहीं और अभी भी बड़ी घटना होने के बाद भी खुलेआम चला रहे डॉक्टर अनिल राज।
सवाल यह बनता है। कि कहीं ऐसा तो नहीं डॉक्टर अनिल राज फर्जी डिग्री बनवाकर अस्पताल चला रहे हैं। जिसकी सही से हो जांच तो होगा पूरा खुलासा। और वही आयुष्मान कार्ड योजना के तहत लोगों को इलाज के नाम पर आने वाले मरीजों के साथ कर रहे हैं धोखाधड़ी का काम और मरीजों को कर रहे हैं गुमराह जिसकी वजह से एक हाल ही में मैडोलेक्स हॉस्पिटल में महिला की हुई थी मौत। अगर इस मामले को लेकर गहराई से नहीं कराई गई जांच तो आने वाले समय में अन्य की भी जा सकती है जान।
जबकि डॉ अनिल राज ने इधर-उधर साठ-गाठ कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ही बदला दिया।

