मैगलगंज थाना क्षेत्र के ढाखा में गाँव के पूरब खेत किनारे झाड़ियों में नवजात शिशु मिलने से हड़कंप मच गया। नवरात्र जैसे पावन पर्व पर एक नवजात बच्ची को जन्म लेते ही झाड़ियों में फेंक दिया गया। ग्रामीणों ने प्रधान को सूचना दी मौके पर पहुँची ग्राम प्रधान राजकुमारी ने पुलिस को सूचना देकर एम्बुलेंस से सीएचसी ले आयीं। जहाँ से प्राथमिक उपचार कर जिला असपताल भेज दिया गया है। नवजात बच्ची को फेकने से उसके हल्की चोट भी आई हैं।
बुधवार की सुबह तहसील क्षेत्र के गाँव ढाखा गाँव मे रामकुमार के खेत की झाड़ियों में नवजात बच्ची की किलकारियां सुनकर रुके राहगीरों ने जब बच्ची को झाड़ियों में देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना देकर एम्बुलेंस को बुला लिया। मौके पर पहुंची ग्राम प्रधान राजकुमारी ,प्रधानपति धनपाल, विमेलश पांडेय, शिवशंकर आदि ग्रामीणों के सहयोग से बच्ची को साफ कर एम्बुलेंस से सीएचसी मितौली ले आये। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची कल रात या आज सुबह ही जन्मी है। एक दिन की है। प्रधान पति धनपाल ने बताया कुछ ग्रामीण खेतो की तरफ गये थे। जहाँ गाँव के पूरब टॉवर के नजदीक एक नवजात बच्ची की रोने की आवाजें सुनकर राहगीरों के कदम ठहर गए। लोगों ने आसपास जब नजरें दौड़ाईं तो नवजात बच्ची बिलख रही थी। उन्होंने बताया हम लोग तत्काल मौके पर पहुंच गये थे। पुलिस को सूचना देकर सीएचसी लाये। जहां डॉक्टरों ने उपचार कर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया था। बताते हैं खेतो में आवारा पशुओं के लिए लगाए जाने वाले तार फेकते समय नवजात को चुभ गया है। जिससे इंफेक्शन का खतरा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया नवजात बच्ची कल रात में या आज से सुबह ही जन्मी होगी उसका वजन कम था और सांस लेने में भी दिक्कत थी इसलिये उसको बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

