मितौली खीरी । पलिया के खंड शिक्षा अधिकारी की तानाशाही से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पत्रकार के साथ फर्जी मुकदमा का प्रकरण अब पालिया से निकलकर जिले के आसपास के जिलों में भी पहुंच गया है पत्रकारों पर मुकदमे और अभद्रता के खिलाफ ऐप्जा के शीर्ष नेतृत्व तथा चीफ कोआर्डिनेडर अनुराग एम सारथी के निर्देशन पर मितौली के पत्रकारों ने प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ऐप्जा लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।
पलिया में पत्रकार शिशिर शुक्ला के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा फर्जी तरीके से दर्ज कराए गए मुकदमा के विरोध में ऐप्जा संगठन के पत्रकार लामबंद होकर मितौली तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए जिला अधिकारी खीरी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिती में नायाब तहसीलदार मितौली को ज्ञापन सौंपा गया है। यदि मुकदमा निरस्त नहीं हुआ तो संगठन कठोर निर्णय लेने के मजबूर होगा ।अवगत हो की पलिया के पत्रकार शिशिर शुक्ला ने जब खंड शिक्षा अधिकारी पलिया नागेंद्र चौधरी से कबाड़ की दुकान पर किताबें देखकर एक ट्रक में लोड होने की जानकारी चाही तो बी ई ओ ने जानकारी न देकर फोन कॉल काट दी और पत्रकार के खिलाफ ही मुकदमा लिखवा दिया ।सरकारी किताबों को कबाड़ की दुकान पर बिक्री करवाने वालों की जांच पड़ताल करने के लिए तथा बी ई ओ द्वारा कोतवाली में लिखवाई गई फर्जी रिपोर्ट रद्द करवाने के संबंध में क्षेत्र के तमाम पत्रकार धरना प्रदर्शन करते हुए संबंधित शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है ।
इस अवसर पर ऐप्जा तहसील अध्यक्ष रमेश शुक्ला , रामचंद्र मंगलेश ,एसपी सिंह ,पंकज मिश्रा, पंकज गौतम,जितेन्द्र बाजपेई, जीतू गुप्ता ,संदीप वर्मा, सचिन पांडे, मुदित दीक्षित ,विपनेश अवस्थी,विष्णु प्रताप सिंह ,कयूम अली, सुमित तिवारी , शोभित शुक्ला,सहित क्षेत्र के समस्त पत्रकार मौजूद रहे

